पूर्णिया विवि : डिग्री घोटाला में जांच कमेटी ने की वित्तीय अंकेक्षण की अनुशंसा

विवि प्रशासन से की अनुशंसा

पूर्णिया. पूर्णिया विवि में बड़े पैमाने पर हुए डिग्री घोटाला में जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट देते हुए वित्तीय अंकेक्षण की अनुशंसा विवि प्रशासन से की है. जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, विवि परीक्षा विभाग ने प्रोविजनल और अंकपत्र की छपाई मनमाने तरीके से करायी है. एक ही छात्रा को बार-बार अंकपत्र दिया जाना, पुन:गणना के बाद अंकपत्र तैयार करना जैसे कई बिंदुओं को जांच कमेटी ने चिह्नित किया है. जांच कमेटी का मानना है कि जिस प्रकार से विवि परीक्षा विभाग में वित्तीय कार्य हुए हैं, उसकी पारदर्शिता की जांच होनी बेहद जरूरी है. जांच के दौरान पाये गये साक्ष्यों से पूर्णिया विवि का एक्सचेकर प्रभावित हुआ है. इसे देखते हुए जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय अंकेक्षण की आवश्यकता जतायी है. गौरतलब है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक को निलंबित कर दिया है. राजभवन में बैठकों एवं अन्य सरकारी कार्यों को पूर्ण करने के अब कुलपति मुख्यालय में बने रहेंगे और इस दौरान अग्रेतर कार्यवाही में तेजी आने की संभावना है.

सवालों के दायरे में विवि परीक्षा बोर्ड

पूर्णिया. पूर्णिया विवि में बड़े पैमाने पर हुए डिग्री घोटाला में विवि परीक्षा बोर्ड भी सवालों के दायरे में है. कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह के निर्देश पर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी जांच में हरेक बिंदु पर परीक्षा बोर्ड की भूमिका को चिह्नित किया है. जांच कमेटी की रिपोर्ट में विवि परीक्षा बोर्ड की चर्चा कई बार की गयी है. इससे साफ जाहिर होता है कि अगर विवि परीक्षा बोर्ड ने सजगता दिखायी होती तो परीक्षा विभाग में व्याप्त गड़बड़ी पर अंकुश लगाया जा सकता था. जांच कमेटी ने बिंदुवार जांच करते हुए यह जानने की कोशिश की कि इन मामलों में विवि परीक्षा बोर्ड की तो कहीं भूमिका नहीं है. अधिकांश मामलों में जांच कमेटी ने मंतव्य दिया कि परीक्षा बोर्ड मामले में अनजान था. चूंकि पूर्णिया विवि में परीक्षा बोर्ड की बैठकें नियमित रूप से होती हैं और परीक्षा मामलों में यह सर्वोच्च समिति है. इसलिए डिग्री घोटाला से अनजान रहना भी विवि परीक्षा बोर्ड की क्रियाशीलता को प्रभावित करता है. फिलहाल, सबकी निगाहें विवि प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.

—————–पैट 2023 व पैट 2024 को लेकर अभ्यर्थियों का धरना व भूख हड़ताल पूर्णिया. डिग्री घोटाला की जद में आये पैट 2023 में नामांकन कार्य प्रभावित होने और पैट 2024 में अप्लाइ रोकने के सवाल पर गुरुवार से पैट अभ्यर्थी आंदोलन पर उतारू हो गये. बड़ी संख्या में पैट अभ्यर्थी पूर्णिया विवि के समक्ष धरना व भूख हड़ताल कर रहे हैं. भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता राजा कुमार ने बताया कि पैट 2023 का रिजल्ट घोषित हुए 50 दिन हो गये. पर अबतक नामांकन नहीं लिया गया है. पैट 2024 में भी अप्लाई प्रक्रिया की गयी है और उसे अपरिहार्य कारणवश बताकर बंद कर दिया गया है. यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार पैट 2025 में 50 प्रतिशत सीट यूजीसी नेट क्वालिफाइड विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हो जायेगी. पूर्व में पूर्णिया विवि ने पैट 2020 में आवेदन शुल्क लेकर पैट 2022 में एडजस्ट किया था. जबतक पैट 2023 में नामांकन और पैट 2024 में अप्लाई की तिथि घोषित नहीं होता है, तब तक हम लोग भूख हड़ताल पर रहेंगे.

——————-पैट अभ्यर्थी ने कमिश्नर से लगायी हस्तक्षेप की गुहारपैट 2023 के एक अभ्यर्थी ने गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्त को आवेदन देकर पूर्णिया विवि के मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगायी है. पैट 2023 के गणित विषय के अभ्यर्थी शशिभूषण यादव ने आरोप लगाया कि लिखित और वाइवा होने के बाद विवि ने दिव्यांगता के आधार पर उनके दावे को निरस्त कर दिया है. इसलिए वे कमिश्नर से गुहार लगाने आये हैं. उन्होंने कुलाधिपति और मुख्य न्यायाधीश को भी इस आशय का आवेदन भेजा है.

——————फोटो 24 पूर्णिया परिचय-13- 24 अप्रैल 2025 को प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार.परिचय- 14- पूर्णिया विवि के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठे पैट अभ्यर्थी.

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