पूर्णिया के होनहार युवा साइकिलिस्ट यश देव ने माउंटेन साइकिलिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने असाधारण खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम पूरे बिहार में रोशन किया है. राजधानी पटना के एलसीटी घाट पर आयोजित सातवीं बिहार राज्य माउंटेन बाइक साइकिलिंग चैंपियनशिप में यश देव ने 15 किलोमीटर जूनियर बालक क्रॉस कंट्री मास स्टार्ट स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया. पूर्णिया के राजेंद्र नगर (मधुबनी) निवासी मृणाल रंजन के पुत्र यश की इस ऐतिहासिक जीत से जिले के खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और परिजनों में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल है.
15 KM मास स्टार्ट में शुरुआत से बनाई अजेय बढ़त
चैंपियनशिप की सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में से एक, 15 किमी जूनियर बालक क्रॉस कंट्री मास स्टार्ट में यश देव का दबदबा देखने को मिला:
- शुरुआत से ही बढ़त: रेस की शुरुआत से ही यश ने तेज गति, सटीक पैडलिंग और तकनीकी संतुलन का परिचय देते हुए सभी प्रतिद्वंद्वी साइकिलिस्टों को पीछे छोड़ दिया और पहले स्थान पर फिनिश लाइन पार की.
- पूर्वी चंपारण को सिल्वर, पटना को ब्रॉन्ज: इस कड़े मुकाबले में पूर्वी चंपारण के विनय कुमार सागर ने दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक (Silver) जीता, जबकि पटना के शुभम कुमार तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य पदक (Bronze) जीतने में सफल रहे.
चैंपियनशिप का नतीजा: पदक तालिका व ओवरऑल विजेता
पटना में संपन्न हुई 7वीं राज्यस्तरीय माउंटेन बाइक चैंपियनशिप के प्रमुख परिणाम:
| स्थान / पुरस्कार | खिलाड़ी / जिला टीम (Winner / District) | उपलब्धि / स्पर्धा (Achievement) |
| स्वर्ण पदक (Gold) | यश देव (पूर्णिया) | 15 KM जूनियर बालक क्रॉस कंट्री |
| रजत पदक (Silver) | विनय कुमार सागर (पूर्वी चंपारण) | 15 KM जूनियर बालक क्रॉस कंट्री |
| कांस्य पदक (Bronze) | शुभम कुमार (पटना) | 15 KM जूनियर बालक क्रॉस कंट्री |
| ओवरऑल चैंपियन | सारण जिला टीम | 20 अंकों के साथ शीर्ष स्थान |
| उपविजेता (Runner-up) | कटिहार जिला टीम | 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान |
जिले में खेल प्रेमियों में हर्ष की लहर
यश देव की इस शानदार सफलता पर पूरे पूर्णिया जिले में जश्न का माहौल है:
- साइकिलिंग में नई उम्मीद: खेल विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों का मानना है कि माउंटेन टेरेन और कठिन ट्रैक पर यश की यह जीत पूर्णिया में साइकिलिंग खेल के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
- परिजनों को बधाई देने वालों का तांता: बेटे की स्वर्णिम सफलता पर पिता मृणाल रंजन और परिवार को जिले के खेल संघों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं.
