पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट
Purnia Weather: कोसी-सीमांचल प्रक्षेत्र के मुख्य जिला मुख्यालय पूर्णिया में आज घर से बाहर कदम निकालने से पहले मौसम के मिजाज और कप्तानों (मौसम वैज्ञानिकों) की चेतावनी को जान लेना बेहद जरूरी है, अन्यथा आप तकनीकी विसंगतियों और भारी फजीहत में पड़ सकते हैं. राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, आज पूर्णिया जिले में मानसूनी कड़ियों के पूरी तरह सक्रिय होने के कारण सुबह से ही ‘यलो अलर्ट’ (Yellow Alert) मुस्तैद कर दिया गया है. बीती रात भी प्रक्षेत्र के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी, जिसके बाद आज सुबह से ही गगन में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और ठंडी पुरवैया हवाएं बह रही हैं.
सुबह छाए बादल, तो दोपहर में उमस; मौसम के बदलते रंग कर रहे हैरान
- पारे का उतार-चढ़ाव: मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स (Weather Forecast Index) के अनुसार, आज दिनभर आसमान में आंशिक से लेकर पूर्ण रूप से घने बादल छाए रहेंगे. इस मौसमी बदलाव के बीच जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास संधारित रहने का अनुमान लगाया गया है.
- हैरान कर रहा मिजाज: स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पूर्णिया का मौसम अक्सर हैरान कर रहा है. सुबह के समय घने बादल और ठंडी हवाओं का संबल मिलता है, तो दोपहर होते-होते कड़क धूप और उमस भरी गर्मी कली-मजदूरों को हलाकान करने लगती है. हालांकि, आज की कड़क चेतावनी के बाद इस चक्र के टूटने की पूरी उम्मीद है.
वज्रपात और आंधी को लेकर विशेष चेतावनी; कनिष्ठ व वरिष्ठ नागरिकों को सलाह
“यलो अलर्ट की अवधि के दौरान जिले के सुदूर ग्रामीण और शहरी प्रक्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं (आंधी) चल सकती हैं. इसके साथ ही मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की प्रबल आशंका है. हल्की से मध्यम और कुछ पॉकेट्स में मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में काम कर रहे किसानों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई है.”
खेती-किसानी को मिलेगा संबल; धान की रोपनी में आएगी तेजी
मौसम विभाग के इस यलो अलर्ट और मानसूनी दस्तक से सबसे ज्यादा उत्साह ग्रामीण प्रक्षेत्रों के किसानों में देखा जा रहा है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आज होने वाली यह झमाझम बारिश मिट्टी की नमी को बढ़ाएगी, जिससे धान की नर्सरी (बिछड़ा) डालने और कनिष्ठ पौधों की रोपाई के कार्य को एक नया जीवनदान मिलेगा. जिला प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन विभाग के कप्तानों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है ताकि जलजमाव या वज्रपात जैसी किसी भी आकस्मिक विसंगति से त्वरित गति से निपटा जा सके. कुल मिलाकर, आज पूर्णिया वासियों के लिए मानसूनी फुहारें उमस से राहत की बड़ी सौगात लेकर आ रही हैं.
