सीमांचल के प्रमुख जिले पूर्णिया सहित आसपास के इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. रात में हुई बारिश के बाद गुरुवार की सुबह से ही आसमान में घने काले बादल मंडरा रहे हैं और ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वायुमंडल में बने सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक के लिए 'येलो अलर्ट' प्रभावी किया गया है. प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों और किसानों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर: 3 दिन तक रहेगा प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और आसपास के वायुमंडलीय क्षेत्र में बने मानसूनी सिस्टम का सीधा असर सीमांचल पर दिख रहा है:
- सक्रिय चक्रवाती घेरा: मौसम विज्ञानियों ने बताया कि क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण अगले तीन दिनों तक भारी बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की प्रबल संभावना है.
- मौसम का मिजाज: रात भर हुई रिमझिम व मध्यम बारिश के चलते सुबह से ही वातावरण में ठंडक घुली हुई है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
तापमान का पूर्वानुमान और वेदर इंडेक्स
मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स के अनुसार गुरुवार को पूर्णिया का संभावित तापमान और मौसमी गतिविधियां इस प्रकार रहेंगी:
- अधिकतम तापमान: लगभग 33.0 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान
- न्यूनतम तापमान: लगभग 26.0 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है
- हवा की रफ्तार व वज्रपात: दिनभर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है.
मौसम विभाग व प्रशासन की अपील: रहें सावधान
आईएमडी द्वारा जारी 'येलो अलर्ट' को देखते हुए आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
- खुले में जाने से बचें: तेज गरज-चमक या आंधी-बारिश के समय पक्के मकानों में शरण लें; ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और जर्जर दीवारों के नीचे खड़े होने से बचें.
- किसानों को सलाह: खेत में काम कर रहे किसान मौसम खराब होते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और कृषि उपकरणों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें.
- जलजमाव से सतर्कता: निचले और शहरी इलाकों में संभावित जलजमाव को देखते हुए वाहन चालक सावधानी से यात्रा करें.
