Purnia Accident : विकास वर्मा की रिपोर्ट
जिले के लिए मंगलवार की शाम हादसों की शाम साबित हुई. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए भीषण सड़क हादसों ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, जबकि पांच लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. रफ़्तार और लापरवाही के इस तांडव से पूरे जिले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.हादसे की पहली हृदयविदारक तस्वीर बीकोठी थाना क्षेत्र के बटराहा से आई. यहाँ 9 साल का मासूम मुनिफ अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक बेकाबू बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. चश्मदीदों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा काफी दूर जा गिरा. आनन-फानन में बाइक सवार ने ही परिजनों के साथ मिलकर उसे जीएमसीएच (GMCH) पहुँचाया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. डॉक्टरों के मृत घोषित करते ही आरोपी बाइक चालक अस्पताल की भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया.
दूसरी ओर, मीरगंज थाना क्षेत्र मो. जब्बार के पंद्रह वर्षीय पुत्र साजिद अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया. मृतक के भाई मो. सकलेन ने बताया कि उन्हें घटना कैसे हुई इसकी सटीक जानकारी नहीं है, पुलिस ने लहूलुहान हालत में साजिद को अस्पताल पहुँचाया था, जहाँ उसने दम तोड़ दिया. जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई.
तबाही का सिलसिला यहीं नहीं थमा. डगरुआ थाना क्षेत्र के बाँधपुल के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने बाइक सवारों को पीछे से कुचल दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. इस हादसे में बाइक पर सवार साबरीन खातून, रिहाना परवीन और अली हसन सड़क पर गिरकर तड़पने लगे. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया, जहाँ साबरीन और रिहाना की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है. इनके अलावा दो अन्य अज्ञात लोग भी इन हादसों में घायल हुए हैं.
वर्तमान में सभी घायलों का इलाज पूर्णिया के जीएमसीएच में चल रहा है. अस्पताल परिसर परिजनों के करुण क्रंदन से गूँज रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालकों की तलाश के लिए नाकेबंदी शुरू कर दी है, लेकिन इन हादसों ने एक बार फिर जिले की सड़कों पर सुरक्षा और रफ़्तार पर नियंत्रण के दावों की पोल खोल दी है.
