टेंडर रद्द होने पर पूर्णिया नगर निगम में तकरार: इंजीनियरों पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा, नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन

पूर्णिया नगर निगम में विकास योजनाओं की निविदाएं लगातार रद्द होने और 70 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं के ठप रहने से पार्षद भड़क उठे. उन्होंने इंजीनियरों पर जानबूझकर फाइलें लटकाने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पूर्णिया नगर निगम सभागार में महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम बोर्ड की सामान्य बैठक भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक की भेंट चढ़ गई. शहर में विकास योजनाओं की निविदाएं (टेंडर्स) लगातार रद्द होने और पिछले 15 महीनों से 70 लाख रुपये से अधिक की बड़ी विकास परियोजनाओं के ठप रहने पर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा.

वार्ड पार्षदों ने नगर विकास प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता मो. रैयान हैदर और सहायक अभियंता संजय द्विवेदी की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए उन पर जानबूझकर फाइलों को लटकाने का आरोप लगाया.

"8 दिन का काम महीनों लटका": बार-बार फाइल लौटाने से योजनाएं बेपटरी

बैठक में 70 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी योजनाओं में हो रही देरी का मुद्दा वार्ड पार्षद अमित कुमार सोनी और राजीव रंजन सहाय उर्फ बबलू सहाय ने पुरजोर तरीके से उठाया:

  • नियमों की अनदेखी: पार्षदों ने नियम गिनाते हुए कहा कि विभागीय गाइडलाइन के अनुसार तकनीकी स्वीकृति (TS) 8 दिनों में और अनुबंध स्वीकृति 57 दिनों के भीतर मिल जानी चाहिए, लेकिन महीनों तक फाइलें धूल फांकती रहती हैं.
  • अनावश्यक अड़ंगा: छोटी-मोटी त्रुटियों को सक्षम स्तर पर ठीक करने के बजाय बार-बार आपत्तियां लगाकर फाइलें लौटाई जाती हैं, जिससे पूरे शहर का बुनियादी ढांचा ठप पड़ा है.

इंजीनियरों पर अनुशासनिक कार्रवाई की मांग, जरूरत पड़ी तो जाएंगे हाईकोर्ट

सदन में पार्षदों की एकजुटता देखने को मिली और सर्वसम्मति से जांच की मांग उठी:

  • 15 महीने की फाइलों की जांच: पार्षद अमित कुमार सोनी ने पिछले 15 महीनों के दौरान अधीक्षण अभियंता द्वारा रद्द की गई सभी निविदाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग रखी, जिसका पूरे सदन ने समर्थन किया.
  • कार्रवाई की अनुशंसा: सदन की ओर से नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और पूर्णिया के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अधीक्षण अभियंता और सहायक अभियंता पर सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने का निर्णय लिया गया.
  • हाईकोर्ट की चेतावनी: पार्षदों ने दो टूक कहा कि यदि दोषी अभियंताओं पर शीघ्र एक्शन नहीं हुआ, तो शहर के विकास की खातिर नगर निगम के प्रतिनिधि पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.
बैठक में मौजूद महापौर, उपमहापौर एवं अन्य | Prabhat Khabar Network

देरी से बढ़ा वित्तीय बोझ, 1 सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने की मांग

पार्षदों ने योजनाओं में हो रही लेटलतीफी के आर्थिक नुकसान को भी रेखांकित किया:

  • प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद भी समय पर टेंडर न होने से निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे योजनाओं की लागत में भारी इजाफा हुआ है और निगम पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है.
  • मांग की गई कि बढ़ी लागत के लिए जिम्मेदारी तय कर वित्तीय नुकसान की भरपाई की जाए तथा अब तक स्वीकृत सभी योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी की जाए.

नगर आयुक्त ने दिया समाधान का भरोसा

सदन में उठ रहे भारी विरोध के बीच नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडेय ने पार्षदों को शांत कराते हुए स्पष्ट किया कि सभी लंबित योजनाओं की विभागीय स्तर पर सघन समीक्षा कराई जा रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि तकनीकी व प्रशासनिक स्तर की सभी अड़चनों को दूर कर काम को गति दी जाएगी और किसी भी स्वीकृत कार्य को अनावश्यक रूप से पेंडिंग नहीं रहने दिया जाएगा.

बैठक में ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप महापौर पल्लवी गुप्ता, उप नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह, सांसद प्रतिनिधि वैश खान, सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन, प्रधान सहायक उमेश यादव सहित वार्ड पार्षद कृष्ण कुमार पासवान, दीपा भारती, कल्याणी राय, निर्जला देवी, अर्जुन सिंह, ऋतुराज यादव, स्वपन घोष, किरण देवी, ममता सिंह, रविशंकर उर्फ भोला कुशवाहा, आशा महतो, सुरेश सिंह, समुसन खातुन, फातिमा, संतोष यादव, कुमारी खुशबू, अभिजीत कुमार उर्फ निप्पू पासवान, नवल कुमार, आतिश सनातनी, राखी कुशवाहा, ऋषभ कुमार, राजी हाशमी, तौकिर रियाज, मुसर्रत जहां, पूजा कुमारी, जितनी देवी, मो. सिताब, मुर्शीदा खातुन, मेरीसतीला टोप्पो, लखेन्द्र साह, विलास चौधरी, कमली देवी, राकेश राय, पूनम देवी, उर्मिला देवी, चांदनी देवी, प्रदीप जायसवाल, अनिल उरांव, अरविंद साह उर्फ भोला आदि उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By अभिषेक भास्कर

अभिषेक भास्कर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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