पूर्णिया. अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पूर्णिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शीशाबाड़ी के पास वाहन जांच के दौरान अररिया की ओर से आ रही एक बस से अवैध लॉटरी टिकटों की बड़ी खेप बरामद की. पुलिस ने मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान फारबिसगंज निवासी ललटू कुमार यादव और पूर्णिया शहर के न्यू सिपाही टोला निवासी मिथुन कुमार पासवान के रूप में हुई है.
बस की तलाशी में दो कार्टन से मिले टिकट
एसडीपीओ सदर-1 अभिनव परासर ने बताया कि कार्रवाई सदर थाना के अपर थानाध्यक्ष शशि कुमार भगत के नेतृत्व में की गयी. गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नियमित वाहन जांच के दौरान अररिया की ओर से आ रही बस को शीशाबाड़ी के पास रोका.
बस की तलाशी लेने पर एक बोरे के अंदर रखे दो कार्टन मिले. पुलिस के अनुसार दोनों कार्टन से कुल 1 लाख 2 हजार 900 अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए गए.
सवा छह लाख रुपये आंकी गयी टिकटों की कीमत
पुलिस के अनुसार बरामद अवैध लॉटरी टिकटों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब सवा छह लाख रुपये है. बड़ी संख्या में लॉटरी टिकट मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया और बरामद टिकटों को जब्त कर लिया.
अररिया से लाकर पूर्णिया में खपाने की थी योजना
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि लॉटरी टिकटों की यह खेप अररिया की तरफ से लायी जा रही थी. पुलिस के अनुसार इसे पूर्णिया शहर और आसपास के इलाकों में खपाने की योजना थी. पुलिस अब टिकटों के स्रोत और इसे पूर्णिया तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.
मुख्य सरगना और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की तलाश
एसडीपीओ सदर-1 अभिनव परासर ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के दौरान कई नाम सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है. पुलिस इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सरगना के साथ ही इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाने में जुटी है. उन्होंने कहा कि अवैध लॉटरी के कारोबार में शामिल अन्य आरोपितों को चिह्नित कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
छापेमारी दल में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में एसडीपीओ सदर-01 अभिनव परासर, सदर थाना के अपर थानाध्यक्ष सह पुअनि शशि कुमार भगत, गुलाबबाग प्रभारी पुअनि सन्नी कुमार, सअनि अवध किशोर प्रसाद और गुलाबबाग ओपी के सशस्त्र बल शामिल रहे.
