भगवान पंचमुखी हनुमान का दर्शन करते कांवरिये
पंचमुखी हनुमान दर्शन के साथ महाप्रसाद व विश्राम
शिविर में पहुंचते ही कांवरिया सबसे पहले प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर में माथा टेकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. मंदिर में शीश नवाने के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद, चाय और नाश्ता वितरित किया जाता है. इसके बाद थके-हारे कांवरिए शिविर में विश्राम कर अपनी आगे की यात्रा की ऊर्जा जुटाते हैं.
जरुरतमंद कांवरिये की सेवा में तत्पर चिकित्सा सहयोगी
निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था
पैदल या लंबी यात्रा के कारण कांवरियों के पैरों में छाले, शारीरिक चोट और बदन दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए शिविर परिसर में निःशुल्क मेडिकल क्लीनिक और दवा दुकान का संचालन किया जा रहा है. यहाँ सेवाभावी चिकित्सक और स्वास्थ्य सहयोगी चौबीसों घंटे प्राथमिक उपचार के लिए तत्पर रहते हैं.
शिविर में लंबे सफर की थकान मिटाती महिला कांवरिया
महिला कांवरियों के लिए विशेष और सुरक्षित इंतजाम
गुलाबबाग शिविर में दूर-दराज से आने वाली महिला कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है. उनके लिए अलग से विश्राम स्थल, स्नानघर और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है. इस सुरक्षित वातावरण के कारण महिला श्रद्धालु बिना किसी संकोच के अपनी लंबे सफर की थकान मिटाती हैं.
बंगाल से आकर जीरोमाइल पर रुका कांवरियों का जत्था
दशकों पुरानी परंपरा: देवघर जाने व आने पर भी रुकते हैं श्रद्धालु
गुलाबबाग जीरोमाइल पर दशकों से लग रहे इस शिविर से कांवरियों का गहरा भावनात्मक लगाव बन चुका है. श्रद्धालु देवघर जाते समय ही नहीं, बल्कि जलार्पण के बाद वापसी के दौरान भी यहाँ रुकना नहीं भूलते. यहाँ कुछ देर ठहरकर थकान मिटाने के बाद वे अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना होते हैं.
