बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले लोक सेवकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इसी कड़ी में बुधवार सुबह निगरानी ब्यूरो की टीम ने भवन निर्माण विभाग, भवन अंचल पूर्णिया में तैनात अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) सत्येंद्र कुमार चौधरी के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी.
निगरानी की विशेष टीम ने पूर्णिया शहर स्थित उनके दो ठिकानों और राजधानी पटना स्थित आवास पर एक साथ सघन छापेमारी अभियान चलाया.
सुबह 7 बजे दो डीएसपी के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने दी दबिश
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की 9 सदस्यीय विशेष टीम बुधवार सुबह ठीक 7:00 बजे अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर पहुंची. टीम का नेतृत्व निगरानी ब्यूरो के दो डीएसपी संतोष कुमार और बिनोद कुमार कर रहे थे, जिनके साथ इंस्पेक्टर राजेश चौधरी सहित अन्य सदस्य शामिल थे.
जांच टीम ने पूर्णिया के गिरजा चौक स्थित उनके संभागीय कार्यालय में पहुंचकर फाइलों और कंप्यूटर रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की. इससे पहले टीम ने सुबह-सवेरे ही उनके आवासीय परिसर की घेराबंदी कर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. छापेमारी के दौरान सुरक्षा कारणों से दोनों परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी.
घंटों चली जांच, संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज जब्त
घंटों तक चली इस मैराथन तलाशी के दौरान निगरानी टीम ने अधीक्षण अभियंता के वित्तीय लेनदेन, जमीन-मकान से जुड़े निवेश, बैंक खातों और पासबुकों की सघन जांच की.
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कई संदिग्ध कागजात और निवेश संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं. जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगरानी टीम सभी जब्त दस्तावेजों को सीलबंद कर अपने साथ ले गई.
जुलाई में ही पटना से पदोन्नति पाकर पूर्णिया आए थे सत्येंद्र चौधरी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए निगरानी डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ पटना स्थित निगरानी थाने में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विधिवत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. कोर्ट से वारंट प्राप्त करने के बाद यह संयुक्त छापेमारी की गई.
जानकारी के अनुसार सत्येंद्र कुमार चौधरी इसी वर्ष जुलाई महीने में कार्यपालक अभियंता से पदोन्नत होकर अधीक्षण अभियंता के रूप में पटना से पूर्णिया स्थानांतरित किए गए थे. निगरानी अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए सभी वित्तीय दस्तावेजों और संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.