पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Purnia DEO: पूर्णिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रवींद्र कुमार प्रकाश के एक कड़े फैसले से जिले के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. डीइओ ने कर्तव्यों में घोर लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और आपराधिक कड़ियों में संलिप्तता को लेकर दो प्रखंडों के विद्यालय कप्तानों के खिलाफ निलंबन की गाज गिराई है. पहले मामले में श्रीनगर प्रखंड के एक प्रभारी प्रधानाध्यापक को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद सस्पेंड किया गया है, वहीं दूसरे मामले में केनगर प्रखंड के एक प्रधानाध्यापक पर बिना अनुमति स्कूल परिसर के 20 से अधिक हरे-भरे पेड़ कटवाने और कबाड़ बेचने का संगीन आरोप सच पाया गया है.
पहला मामला (श्रीनगर प्रखंड): गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के बाद सस्पेंड
श्रीनगर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय सिंघिया कन्या में हुई प्रशासनिक कार्रवाई की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- अधिकारी का प्रतिवेदन: प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), श्रीनगर के पत्रांक 104 (दिनांक 23.05.2026) द्वारा जिला मुख्यालय को एक रिपोर्ट भेजी गई थी.
- आपराधिक मामला और जेल: रिपोर्ट के अनुसार, मध्य विद्यालय सिंघिया कन्या के प्रभारी प्रधानाध्यापक नंद किशोर राय को पुलिस ने 19.05.2026 को एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया था.
- नियमों के तहत एक्शन: 48 घंटे से अधिक जेल में रहने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए डीइओ ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के संशोधित नियम-9 (2) (क) के तहत नंद किशोर राय को उनकी गिरफ्तारी की तिथि (19.05.2026) के प्रभाव से ही सस्पेंड कर दिया है. इनके खिलाफ अलग से चार्जशीट (आरोप पत्र) गठित कर विभागीय मुकदमा चलाया जाएगा.
दूसरा मामला (केनगर प्रखंड): 20 पेड़ काटने और कबाड़ बेचने के आरोप में गिरे
आदर्श मध्य विद्यालय काझा के प्रधानाध्यापक पर लगे आरोपों और जांच की कड़ियां बेहद चौंकाने वाली हैं:
- बिना समिति की सहमति के खेल: केनगर बीइओ के जांच प्रतिवेदन (पत्रांक 96, दिनांक 30.03.2026) में यह खुलासा हुआ कि प्रधानाध्यापक सुधाकर मिश्र ने बिना विद्यालय शिक्षा समिति की लिखित सहमति या विभागीय एनओसी (NOC) के स्कूल परिसर में लगे 20 से अधिक मूल्यवान पेड़ कटवा दिए और सरकारी कबाड़ को भी अवैध रूप से बेच दिया.
- संतोषप्रद नहीं मिला जवाब: डीइओ कार्यालय द्वारा पत्रांक 735 और स्मार पत्रांक 835 के जरिए दो बार स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगे जाने के बाद 28.04.2026 को प्रधानाध्यापक ने अपना जवाब दाखिल किया, जिसे डीइओ ने पूरी तरह असंतोषजनक और टालमटोल वाला पाया.
- तत्काल निलंबन व मुख्यालय ट्रांसफर: प्रथम दृष्टया पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और वित्तीय हेराफेरी का आरोप प्रमाणित होने पर सुधाकर मिश्र को सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, कसबा (पूर्णिया) निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें अपनी दैनिक हाजिरी लगानी होगी.
“भ्रष्टाचार और मनमानी बर्दाश्त नहीं”— जिला शिक्षा पदाधिकारी
प्रशासनिक चेतावनी: “सरकारी विद्यालयों की संपत्ति और पर्यावरण की रक्षा करना शिक्षकों का दायित्व है. जो भी प्रधानाध्यापक नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय लाभ के लिए मनमानी करेंगे, उनके खिलाफ सीधे पुलिस केस और निलंबन की कड़क कड़ियां जोड़ी जाएंगी.”
डीइओ रवींद्र कुमार प्रकाश ने जिले के सभी बीइओ (BEO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का नियमित भौतिक निरीक्षण करें. यदि किसी अन्य स्कूल में भी सरकारी संपत्तियों, वृक्षों या मिड-डे मील (MDM) के बर्तनों व कबाड़ की अवैध बिक्री की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी. दोनों सस्पेंडेड शिक्षकों के जीवन निर्वाह भत्ते और विभागीय जांच के निष्पादन के लिए संचालन अधिकारियों की नियुक्ति की कड़ियां भी शुरू कर दी गई हैं.
