Purnia News: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्णिया कॉलेज में देशभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रो. सावित्री सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया. हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के साथ निकली यह यात्रा पूरे इलाके में राष्ट्रप्रेम का संदेश छोड़ गई.
प्रो. सावित्री सिंह के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा
पूर्णिया कॉलेज परिसर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में कॉलेज परिवार के सदस्य शामिल हुए. रैली के दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम" और "हर घर तिरंगा" जैसे नारों से वातावरण देशभक्ति से गुंजायमान हो गया.
रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी तिरंगा यात्रा का स्वागत किया और कई स्थानों पर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया. पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और उत्साह दोनों देखने को मिले.
हर घर तिरंगा फहराने की अपील
इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. सावित्री सिंह ने पूर्णिया वासियों और छात्र-छात्राओं से स्वतंत्रता दिवस को धूमधाम से मनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने घर पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट आस्था और निष्ठा का प्रदर्शन करे.
उन्होंने कहा कि "हर घर तिरंगा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है."
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का अवसर
प्रो. सावित्री सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया.
उन्होंने कहा कि आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और देश की प्रगति में अपना पूरा योगदान दें. युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़कर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए.
Purnia News: शिक्षक और कर्मचारियों की रही सक्रिय भागीदारी
तिरंगा यात्रा में महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. कॉलेज प्रशासन ने इस आयोजन को स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया.
पूर्णिया कॉलेज की यह भव्य तिरंगा यात्रा यह संदेश देकर समाप्त हुई कि राष्ट्रप्रेम केवल एक भावना नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों, एकता और जिम्मेदारी के प्रति सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है.
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