आज के दर्शन: यहां भगवान गणेश के दर्शन से शुभ-शुभ होता है कामकाज, प्रत्येक बुधवार को उमड़ती है भीड़

Purnia Barihat Ganesh Temple: पूर्णिया शहर के बाड़ीहाट स्थित ऐतिहासिक शिव-महावीर मंदिर में विराजमान विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के प्रति आस्था का अद्भुत सैलाब. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि बप्पा के दर्शन के बाद ही शुरू होती है दिनचर्या, बुधवार को सजता है विशेष दरबार.

पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट

Purnia Barihat Ganesh Temple: पूर्णिया शहर के बाड़ीहाट स्थित शिव-महावीर मंदिर में प्रतिष्ठापित भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा पूरे सीमांचल इलाके में सनातनी आस्था और अटूट विश्वास का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है. बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता भगवान गणेश के इस पावन दरबार को लेकर यह दृढ़ धार्मिक मान्यता है कि यहां हाजिरी लगाने वाले किसी भी भक्त की झोली कभी खाली नहीं रहती. शहर के लोगों का मानना है कि यहां विघ्नहर्ता के दर्शन मात्र से पूरे दिन के व्यावसायिक कामकाज और पारिवारिक जीवन में सब कुछ शुभ-शुभ होता है.

बुधवार को रहता है उत्सव जैसा माहौल; पूरे शहर से जुटते हैं श्रद्धालु

  • अटूट दिनचर्या: बाड़ीहाट, नया टोला सहित पूरे पूर्णिया मुख्य शहर के सैकड़ों नागरिकों की यह स्थाई दिनचर्या बन चुकी है कि वे सुबह सबसे पहले मंदिर आकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं और उसके बाद ही अपने किसी सांसारिक कार्य या व्यापार की शुरुआत करते हैं.
  • बुधवार का विशेष महत्व: वैसे तो यहां प्रतिदिन ही भक्तों की कतारें देखने को मिलती हैं, लेकिन प्रत्येक बुधवार (जो कि भगवान गणेश का समर्पित दिन माना जाता है) को यहां का नजारा बिल्कुल किसी उत्सव जैसा भव्य हो जाता है. सुबह के मंगला आरती से लेकर देर शाम तक बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु सुख, शांति और पारिवारिक समृद्धि की मन्नतें धागे के साथ बांधने यहां पहुंचते हैं. इस दौरान कई भक्त विशेष पूजन अनुष्ठान और मोदक (लड्डू) का भोग लगाकर बड़े पैमाने पर प्रसाद वितरण भी करते हैं.

पांच दशक पुराना है इतिहास; भोलेनाथ और संकटमोचन भी हैं विराजमान

लगभग पांच दशक (50 वर्ष) पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर में भगवान गणेश के साथ-साथ अन्य प्रमुख देवी-देवताओं की भी अत्यंत मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित हैं. गर्भ गृह के समीप ही देवाधिदेव महादेव (भगवान भोलेनाथ) और संकटमोचन हनुमान जी महाराज विराजमान हैं. यही वजह है कि गणेश जी के दरबार के साथ-साथ सोमवार को बाबा भोलेनाथ और मंगलवार को वीर हनुमान के दर्शन के लिए भी भक्तों का भारी हुजूम उमड़ता है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और असीम मानसिक शांति प्रदान करने वाला केंद्र है.

Purnia Barihat Ganesh Temple: प्रमुख त्योहारों पर दुल्हन की तरह सजता है मंदिर परिसर

वर्षभर होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान इस मंदिर की दिव्यता और अलौकिक आभा देखते ही बनती है. विशेष रूप से भाद्रपद महीने में आने वाली गणेश चतुर्थी, दीपावली, अन्नकूट और पवित्र सावन के महीने में पूरे मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों, लतरों और ताजे सुगंधित फूलों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है.

इन विशेष अवसरों पर होने वाली महाआरती और छप्पन भोग के दर्शन के लिए न केवल पूर्णिया बल्कि आस-पास के जिलों से भी हजारों की तादाद में सनातन धर्मावलंबी यहां शीश नवाने आते हैं. मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीम यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुलभ दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था का मुकम्मल प्रबंध करती है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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