सीमांचल के प्रमुख केंद्र पूर्णिया में बुधवार की सुबह सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौनी के साथ शुरू हुई. सुबह के समय चल रही हल्की बयार और आसमान में तैरते बादलों ने शहरवासियों को शारदीय नवरात्र और दशहरे के आगमन का सुखद पूर्वाभास कराया. हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, धूप की तल्खी और हवा की धीमी रफ्तार ने उमस बढ़ा दी, जिससे लोगों को पसीने से पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी है.
इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने पूर्णिया जिले के लिए आधिकारिक रूप से 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से जिले के कई हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है.
दशहरे की आहट, लेकिन उमस का असर कायम
जिले के मौसमी मिजाज में आ रहे बदलाव की प्रमुख विशेषताएं:
- सूरज-बादल की लुका-छिपी: सुबह से ही आसमान में घने सफेद और काले बादलों का डेरा है, जो बीच-बीच में धूप को ढक रहे हैं. धूप खिलते ही उमस भरी गर्मी लोगों को बेचैन कर रही है.
- हवा की रफ्तार सुस्त: हवा की गति मंद रहने के कारण वातावरण में आद्रता का स्तर बना हुआ है, जिससे वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी का अहसास अधिक हो रहा है.
- न्यूनतम पारे में गिरावट: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रात के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे देर रात और अलसुबह मौसम में हल्की सिहरन महसूस होगी.
पूर्णिया मौसम पूर्वानुमान एवं प्रमुख सूचकांक
| मौसम घटक (Parameter) | अनुमानित आंकड़े / स्थिति |
| अधिकतम तापमान (Max Temp) | 34.0°C |
| न्यूनतम तापमान (Min Temp) | 26.0°C (~2°C गिरावट का अनुमान) |
| मौसम चेतावनी (Alert Level) | येलो अलर्ट (Yellow Alert) |
| वर्षा एवं वज्रपात | मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश व आकाशीय बिजली की संभावना |
| वर्तमान मौसमी प्रभाव | दशहरे के आगमन का अहसास, सुबह सुहावनी, दोपहर में उमस |
वज्रपात से सतर्क रहने की प्रशासनिक चेतावनी
मौसम विभाग और जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने आकाशीय बिजली (वज्रपात) की आशंका को देखते हुए नागरिकों और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- आसमान में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, तालाबों या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें.
- ग्रामीण इलाकों में किसान मौसम के सामान्य होने तक कृषि कार्यों को कुछ देर के लिए टालें और सुरक्षित पक्के भवनों में रहें.
