पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnia University) प्रशासन ने अपने अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतन, बकाया भुगतान, पेंशन तथा सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. लोकभवन (राजभवन), बिहार, पटना के निर्देशों के आलोक में विश्वविद्यालय मुख्यालय में आगामी 27 और 28 जुलाई को दो दिवसीय विशेष शिविर (Special Camp) का आयोजन किया जाएगा.
इन वित्तीय एवं पेंशन दावों का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान
विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह और कुलसचिव (Registrar) प्रो. अखिलेश कुमार के अनुसार, इस विशेष शिविर में निम्नलिखित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा:
- बकाया वेतन एवं नियमित वेतन संबंधी मामले
- पेंशन, ग्रेच्युटी (Gratuity) और लीव एनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण)
- जीपीएफ (GPF), एनपीएस (NPS) और समूह बीमा (Group Insurance)
- सेवानिवृत्त शिक्षकों/कर्मियों के अन्य सभी वैध वित्तीय दावे
30 जून 2026 तक रिटायर्ड कर्मियों की मांगी गई अद्यतन सूची
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- सूची तैयार करने के निर्देश: 30 जून 2026 तक सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों सहित सभी लंबित मामलों की अद्यतन सूची तत्काल तैयार कर विश्वविद्यालय मुख्यालय भेजने को कहा गया है.
- नोडल अधिकारी होंगे तैनात: हर कॉलेज में एक नोडल पदाधिकारी (Nodal Officer) नामित किया जाएगा, जिनका नाम, पद और मोबाइल नंबर तुरंत विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
- कारण स्पष्ट करने का निर्देश: जिन मामलों में तत्काल भुगतान संभव नहीं है, प्राचार्यों को रिपोर्ट में विलंब के ठोस कारण का स्पष्ट उल्लेख करना होगा.
व्यक्तिगत रूप से न आने पर भी होगा समाधान (ई-मेल/डाक की सुविधा)
कुलसचिव ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सेवानिवृत्त शिक्षक या कर्मचारी किसी कारणवश स्वयं शिविर में उपस्थित होने में असमर्थ हैं, तो वे:
- ई-मेल या डाक के जरिए: अपना आवेदन और जरूरी कागजात विश्वविद्यालय भेज सकते हैं.
- अधिकृत प्रतिनिधि: अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से भी आवेदन दाखिल करवा सकते हैं, जिसे शिविर में शामिल कर उस पर निर्णय लिया जाएगा.
"वैध दावों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता" — विश्वविद्यालय प्रशासन
पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों से राजभवन द्वारा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से अनुपालन करने का आग्रह किया है. विवि ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हक-हकूक और वैध वित्तीय मामलों का पारदर्शी व शीघ्र निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
