पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnea University) में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया. इस अवसर पर कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने ध्वजारोहण कर विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हम सभी का दायित्व है कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों और संविधान के मूल्यों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारें. इस खास मौके पर कुलपति ने विगत डेढ़ वर्ष में विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों, शैक्षणिक सुधारों और नए परिसर के निर्माण कार्यों का विस्तृत ब्योरा भी साझा किया.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: 129 नए अतिथि शिक्षकों ने दिया योगदान
कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education), पारदर्शी प्रशासन, तेज परीक्षा प्रणाली और बेहतर शोध के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.
- शिक्षकों की कमी दूर: विभिन्न विषयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ 143 अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति की गई, जिनमें से 129 ने अपना योगदान दे दिया है. इसके अतिरिक्त 44 शिक्षकों का पुनर्नियोजन (Re-engagement) भी किया गया है.
- शोध कार्यों में सुधार: नए 'Ph.D. Regulation 2026' के अनुरूप शोध प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. सत्र 2024, 2025 और 2026 की नामांकन प्रक्रिया नियम-आधारित और पारदर्शी बनाई गई है, ताकि सभी योग्य शोधार्थियों को समान अवसर मिल सके.
डिजिटल क्रांति: समर्थ पोर्टल और डिजी लॉकर का विस्तार
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह से डिजिटल और छात्र-हितैषी बनाया जा रहा है.
- समर्थ पोर्टल से नामांकन: स्नातक सत्र 2026-30 में लगभग 38,000 विद्यार्थियों (करीब 13,869 पुरुष, 24,112 महिला एवं 05 अन्य) का नामांकन 'समर्थ पोर्टल' (Samarth Portal) के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया है. अवकाश से लेकर शिकायत निवारण (Grievance Model) तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है.
- अपार आईडी व डिजी लॉकर: छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए तीन लाख से अधिक 'APAAR ID' तैयार की जा चुकी हैं. वहीं, परीक्षा विभाग द्वारा सुधार करते हुए करीब 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों की मार्कशीट 'डिजी लॉकर' (DigiLocker) पर अपलोड कर दी गई हैं.
दूर-दराज के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसर
- 21 नए डिग्री कॉलेज: ग्रामीण और दूर-दराज के वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को घर के पास उच्च शिक्षा देने के लिए 21 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोले गए हैं, जहां प्राचार्य और कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है.
- प्लेसमेंट और मेंटल हेल्थ: रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए परिसर में 4 'प्लेसमेंट ड्राइव' (Placement Drives) आयोजित किए गए. विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पीजी विभाग में 'मेंटल हेल्थ सेंटर' भी स्थापित किया गया है.
37.24 एकड़ में बन रहा नया परिसर, दिसंबर तक पहला चरण पूरा
कुलपति ने विश्वविद्यालय के नए परिसर के निर्माण को एक बड़ी उपलब्धि बताया. राज्य सरकार द्वारा आवंटित 37.24 एकड़ भूमि पर 54 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण निगम (BSEIDC) द्वारा पहले चरण का कार्य अंतिम दौर में है.
प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, परीक्षा भवन और इंडोर गेम्स बिल्डिंग का फिनिशिंग कार्य चल रहा है, जिसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की पूरी उम्मीद है. दूसरे चरण में कुलपति आवास, हॉस्टल, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम का निर्माण प्रस्तावित है.
तंबाकू मुक्त परिसर और शिक्षकों का प्रशिक्षण
विश्वविद्यालय और सभी संबद्ध महाविद्यालयों को 'तंबाकू मुक्त' (Tobacco-Free) घोषित किया गया है. साथ ही सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी सिस्टम को अपग्रेड किया गया है.
शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए पूर्णिया विश्वविद्यालय को यूजीसी के 'मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम' (MMTTP) के तहत प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण मिल सकेगा. अंत में कुलपति ने इस प्रगति के लिए पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और आभार व्यक्त किया.
