Purnea University News : पूर्णिया विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रशासनिक, वित्तीय और सेवा संबंधी लंबित मामलों की समीक्षा की गई. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के सुचारु संचालन के लिए सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन जरूरी है. उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को आवश्यक प्रतिवेदन और अभिलेख निर्धारित समय के भीतर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
लंबित वेतन और भुगतानों का मांगा गया ब्योरा
बैठक में राजभवन सचिवालय के निर्देशों के आलोक में लंबित वेतन और अन्य भुगतानों की समीक्षा की गई. सभी महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया कि लंबित भुगतानों का विस्तृत विवरण तैयार कर जल्द विश्वविद्यालय को भेजें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
सेवांत लाभ और वेतन सत्यापन पर विशेष जोर
कुलपति ने शिक्षकों और कर्मचारियों के सेवांत लाभ से जुड़े लंबित मामलों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा. साथ ही जिन कर्मचारियों और शिक्षकों का वेतन सत्यापन लंबित है, उनका वेतन निर्धारण और सत्यापन कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया.
खातों के ऑडिट और प्री-ऑडिट की होगी निगरानी
बैठक में सभी महाविद्यालयों के खातों के नियमित आंतरिक अंकेक्षण (ऑडिट) को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया गया. प्रोन्नत शिक्षकों के बकाया वेतन अंतर के प्री-ऑडिट के लिए व्यक्तिगत संचिकाएं तैयार कर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए. फरवरी 2018 से पहले और मार्च 2018 के बाद के वेतन अंतर का अलग-अलग विवरण भेजने को कहा गया.
जीआईसी, एनपीएस और परीक्षा मदों की हुई समीक्षा
मार्च 2018 के बाद नियुक्त स्थायी कर्मचारियों के जीआईसी भुगतान और एनपीएस कटौती से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. इसके अलावा परीक्षा मदों में बकाया राशि के समायोजन के लिए सभी केंद्राधीक्षकों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया.
समर्थ पोर्टल पर तैयार होगा नया बजट
बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट निर्माण पर भी चर्चा हुई. सभी अंगीभूत महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया कि इस बार बजट समर्थ पोर्टल के माध्यम से तैयार कर निर्धारित समय पर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया जाए. इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं 31 अगस्त तक अद्यतन कर विश्वविद्यालय को भेजने तथा एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निष्पादन करने को कहा गया.
पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य संस्कृति पर जोर
कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन में सक्रिय सहयोग की अपील की.
