कोचिंग से कॉलेज और गली मोहल्लों तक रहेगी पुलिस दीदी की निगरानी, महिला सुरक्षा के लिये स्कूटी से करेंगी गश्त

पूर्णिया में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक विशेष पहल शुरू की है. 'पुलिस दीदी' नाम की टीम अब शहर के प्रमुख इलाकों, स्कूलों और कॉलेजों के आसपास निगरानी रखेगी. मनचलों पर कड़ी कार्रवाई और छात्राओं को तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाएगी.

पूर्णिया : महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पूर्णिया पुलिस ने विशेष पहल शुरू की है. अब शहर के प्रमुख इलाकों, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास हुड़दंग और मनचलों पर ‘पुलिस दीदी’ की पैनी नजर रहेगी. जिला मुख्यालय में 20 स्कूटी पर पुलिस दीदियों की टीम तैनात की गयी है, जो संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करेगी.

स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय रहेगी खास निगरानी

एसडीपीओ-1 अभिनव परासर और स्पेशल क्राइम ब्रांच की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने बताया कि जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं के प्रवेश और छुट्टी के समय पुलिस दीदियों की विशेष तैनाती रहेगी. इस दौरान छात्राओं को परेशान करने, हुड़दंग मचाने या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रखी जाएगी.

अधिकारी ने कहा कि यदि कोई मनचला या असामाजिक तत्व छात्राओं को परेशान करता या कानून व्यवस्था बिगाड़ते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

संवेदनशील इलाकों और कोचिंग हब पर लगातार पेट्रोलिंग

पुलिस दीदियों की स्कूटी टीम शहर के संवेदनशील स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग हब के आसपास नियमित पेट्रोलिंग करेगी. त्वरित कार्रवाई के लिए गश्ती दल को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा.

पुलिस दीदी टीम की प्राथमिकता :

  • स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास निगरानी
  • छात्राओं से छेड़छाड़ और हुड़दंग पर कार्रवाई
  • संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त
  • महिलाओं की शिकायत पर तत्काल सहायता
  • संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और सत्यापन

जरूरत पड़ने पर मौके पर ही मिलेगी मदद

पुलिस प्रशासन के अनुसार किसी भी आपात स्थिति में छात्राएं और महिलाएं अपने आसपास तैनात पुलिस दीदी से सीधे सहायता ले सकेंगी. इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के मन से असुरक्षा का भाव कम करना और उन्हें शहर में सुरक्षित एवं भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराना है.

पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गयी यह व्यवस्था शहर में असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ छात्राओं और महिलाओं में भरोसा बढ़ाने में मदद करेगी.

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लेखक के बारे में

By विकास वर्मा

विकास वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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