जिले भर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और बिजली बिल से आम अवाम को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को धरातल पर तेज गति से उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है.
इसी कड़ी में शहर के प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी में जिला स्तरीय विशेष प्रशिक्षण-सह-संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में जिले के सभी नगर निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को रूफटॉप सोलर सिस्टम के तकनीकी पहलुओं, मिलने वाली भारी सब्सिडी और ऑनलाइन आवेदन की बारीकियों से रूबरू कराया गया.
'जनप्रतिनिधि बनेंगे रोल मॉडल, तभी प्रेरित होगी जनता': डीएम
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधि समाज के मार्गदर्शक और केंद्र बिंदु होते हैं. आम नागरिक अपने प्रतिनिधियों के कदमों का अनुसरण करते हैं.
डीएम ने आह्वान किया कि सभी जनप्रतिनिधि सबसे पहले अपने स्वयं के घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगवाकर इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करें. जब वार्ड पार्षद और निकाय अध्यक्ष स्वयं सौर ऊर्जा अपनाएंगे, तो उनके वार्ड और मोहल्ले के आम नागरिक भी निसंकोच आगे आएंगे. इससे बिजली बिल में बड़ी बचत होगी और जिले में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उपयोग को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा.
मंच पर उमड़ा जनप्रतिनिधियों का हुजूम, दिग्गज रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्णिया नगर निगम की मेयर विभा कुमारी, उपमेयर पल्लवी गुप्ता, उप विकास आयुक्त (DDC), नगर आयुक्त समेत नगर निगम के तमाम वार्ड सदस्य प्रमुखता से शामिल हुए.
इसके अतिरिक्त कसबा और बनमनखी नगर परिषद के मुख्य पार्षद व उपमुख्य पार्षद तथा जानकीनगर, रूपौली, भवानीपुर, धमदाहा, मीरगंज, अमौर और बायसी नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं वार्ड सदस्यों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में योजना के प्रचार-प्रसार और पात्र लाभुकों को जोड़ने का संकल्प लिया.
संवाद का तत्काल असर: 36 वार्ड पार्षदों ने मौके पर ही भरा फॉर्म
प्रशासन के इस जागरूकता अभियान का त्वरित और सकारात्मक असर कार्यक्रम स्थल पर ही देखने को मिला.
जिलाधिकारी की प्रेरणा से उत्साहित होकर विभिन्न निकायों के 36 वार्ड सदस्यों ने कार्यक्रम के दौरान ही अपने निजी आवासों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी की. अधिकारियों ने प्रतिनिधियों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया ताकि वे अपने-अपने वार्डों में विशेष शिविर लगवाकर नागरिकों के आवेदन आसानी से करवा सकें.
सब्सिडी और ऑन-ग्रिड सिस्टम पर दूर की गईं शंकाएं
कार्यशाला के दौरान ऊर्जा विभाग और योजना से जुड़े तकनीकी नोडल अधिकारियों ने ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम के संचालन, नेट मीटरिंग और केंद्र सरकार से मिलने वाली डायरेक्ट सब्सिडी को लेकर जनप्रतिनिधियों के सभी सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए.
जिला प्रशासन ने पूर्णिया जिले के सभी नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिकतम लाभ उठाएं. अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ अपनी बिजली मुफ्त करें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी भागीदार बनें.
