सरकार गठन का अध्याय खत्म, पूर्णिया में अब तेज होगी विकास की रफ्तार

घोषणा के कुछ ही दिनों के बाद इन योजनाओं को मंत्रिपरिषद की बैठक में मिल गयी थी स्वीकृति

चुनाव पूर्व की गयी मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की शुरू हुई कवायद

प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने किया था 62 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

पूर्णिया. बिहार में सरकार के गठन का अध्याय पूरा हुआ. अब चुनाव पूर्व की गयी घोषणाओं पर काम होने की बारी है. इसके लिए प्रशासनिक कवायद भी धीरे-धीरे शुरू की जा रही है. समझा जाता है कि पूर्णिया में अब बहुत जल्द विकास योजनाओं की रफ्तार तेज होगी. अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टीपर्पज हॉल, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम आदि समेत कई बड़ी योजनाओं पर काम शुरू हो जायेगा. नयी सरकार बनने के बाद दशकों से विकास की बाट जोह रहे पूर्णियावासियों की न केवल उम्मीदें जगी हैं, बल्कि यह भरोसा भी बढ़ा है कि उनकी इन उम्मीदों को अब बहुत जल्द मुकाम मिलेगा.

गौरतलब है कि चुनाव से पूर्व अपनी प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 62 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था. जिले के केनगर प्रखंड अन्तर्गत मजरा पंचायत स्थित मां कामाख्या स्थान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुल 41 योजनाओं का उद्घाटन व 21 योजनाओं का शिलान्यास किया था. इस क्रम में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के निर्माण, शहर के रंगभूमि मैदान में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण, एनएच 107 के भुटहा मोड़ से एसएच 60 तक कुल 9.176 किमी बायपास पथ का निर्माण, धमदाहा से पूर्णिया एसएच 65 फोरलेनिंग व पूर्णिया एयरपोर्ट से सीधा संपर्क, मां कामाख्या देवी मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होनेवाले मेले को राजकीय मेला का दर्जा, काझा कोठी परिसर तक एसएच 65 से सीधा संपर्क सड़क का निर्माण एवं मिथिला हाट की तर्ज पर पर्यटकीय सुविधाओं का विकास, कसबा से कारी कोसी नदी पर बांध सह सड़क निर्माण समेत कई अहम घोषणाएं की गयी थी.

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, प्रगति यात्रा के दौरान पूर्णिया को कुल 580 करोड़ से अधिक की सौगात दी गयी थी. इसमें सिर्फ विभिन्न विभागों के लाभुकों के बीच 237 करोड़ 77 लाख रुपए के चेक का वितरित किये गये थे, जबकि बायसी प्रखंड में दस करोड़ की लागत से एसडीआरएफ भवन सह प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया था. एसएच 99 बैसा से एनएच 31 कानकी के बीच में महानंदा नदी के अभयपुर घाट पर 1113 मीटर लंबाई के उच्चस्तरीय आरसीसी पुल, पहुंच पथ 2029 मीटर, गाइड बांध एवं सुरक्षात्मक निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था. इसके साथ ही पूर्णिया शहर में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना का भी शिलान्यास किया गया था.

मिल चुकी है मंत्रिपरिषद की स्वीकृति

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घोषणा के कुछ ही दिनों के बाद इन योजनाओं को मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गयी थी. इस लिहाज से अब इन योजनाओं के कार्यान्वयन की दिशा में कारगर कदम उठाये जाएंगे. वैसे, आधिकारिक सूत्रों की मानें, तो सीएम द्वारा घोषित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. बीच में चुनाव को लेकर लागू हुए आचार संहिता के कारण तमाम नये कार्य रुक गये थे पर अब क्रमवार रूप से योजनाओं के कार्यान्वयन का सिलसिला शुरू हो जाएगा. जिन योजनाओं पर काम शुरू होना है उसमें मां पूरण देवी मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण की व्यापक योजना है. इसके तहत मंदिर जाने के लिए एसएच-60 से सीधा मंदिर गेट तक रोड का निर्माण तथा मंदिर गेट तक रोड का निर्माण तथा मंदिर परिसर के अन्दर पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाना है.

आंकड़ों पर एक नजर

56.03 करोड़ की लागत से होगा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का निर्माण

41.68 करोड़ की लागत से रंगभूमि में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

39.70 करोड़ मां पूरण देवी मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण पर होंगे खर्च

111.53 करोड़ की लागत से होगा धमदाहा-पूर्णिया फोरलेनिंग कार्य

160.21करोड़ रुपये प्रखंड-अंचलों के कार्यालय भवन पर खर्च होंगे

14.9441 करोड़ की लागत से मिथिला हाट की तर्ज पर होगा काझा कोठी का विकास

5.37 करोड़ की लागत से कसबा कारी कोसी नदी पर बांध सह सड़क का होगा निर्माण

इन योजनाओं पर होना है काम

पूर्णिया में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल

पूर्णिया शहर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

पूर्णिया शहर में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम

मां कामाख्या देवी मंदिर में राजकीय मेला

काझा कोठी का मिथिला हाट के तर्ज पर विकास

धमदाहा-पूर्णिया एसएच 65 की फोरलेनिंग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >