अब खत्म हुई इंतजार की घड़ी, पूर्णिया में मानसून ने ली एन्ट्री, झूम कर बरसा पानी

पूर्णिया में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है. गुरुवार सुबह हुई बारिश के साथ जिले में मानसूनी मौसम की शुरुआत हो गई. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक, वज्रपात और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. वहीं मानसून की समय से पहले एंट्री से किसानों में खुशी है, क्योंकि इससे धान की खेती और खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं.

पूर्णिया से रिपोर्ट :

आकाश में छाये रहे बादल, चलती रही ठंडी हवा और बीच में निकलती रही धूप

ग्रामीण इलाकों में कई जगह हुई है हल्की बारिश, खेती के लिए सुखद संकेत

पूर्णिया. इंतजार की घड़ी अब खत्म हो गई. पूर्णिया में गुरुवार को मानसून ने एंट्री ले ली है. गुरुवार की सुबह झमाझम बारिश के साथ जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है. अगले दो से तीन दिनों के अंदर यह मानसून रफ्तार पकड़ लेगा और फिर पूरे बिहार में फैल जाएगा. हालांकि जिले के कुछ ही इलाकों में मानसून की बारिश हुई है पर अगले 24 घंटे के अंदर पूरे जिले में मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा. मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट में भी मानसून के बिहार प्रवेश की पुष्टि की गई है और कहा गया है कि पश्चिम बंगाल होते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन पूर्णिया में हो गया है. इस बीच पूर्णिया में अधिकतम तापमान 29.4 एवं न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.

मौसम विज्ञान केन्द्र पटना द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार,गुरुवार 11 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलांगना एवं आन्ध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के शेष भागों दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम मध्य एवं उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछऔर क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल के कुछ भागों तथा बिहार के कुछ हिस्सों में मानसून ने बढ़त दर्ज की है. मौसम विज्ञान केन्द्र, पटना के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन पूर्णिया प्रमंडल के किशनगंज, अररिया,पूर्णिया, कटिहार होते हुए सुपौल और मधेपूरा तथा मधुबनी तक हुआ है. मौसम विज्ञान केन्द्र पटना के अनुसार,आगामी दो-तीन दिनों में बिहार के शेष भागों में मानसून के फैलाव के लिए अनुकूल परस्थितियां बनी हुई हैं.

मानसून की आहट के साथ पूर्णिया में झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दे दी और अब मौसम का मूड भी मानसूनी हो गया है. हालांकि सुबह कुछ घंटों की बौछार के बाद बारिश थम गई है पर मौसम विभाग की मानें तो आज देर शाम तक फिर बादल बरसेंगे. वैसे, मौसम विभाग की ओर से अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान शुक्रवार को भी गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना बतायी गई है. पूर्णिया के मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स की मानें तो इस दौरान 50 से 60 किमी. की रफ्तार से हवा चल सकती है. विभागीय स्तर से इस दौरान सतर्क रहने की भी अपील की गई है. इस झमाझम बारिश के कारण पूरा वातावरण ‘कूल-कूल’ हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. वैसे, दोपहर से पहले बारिश थम गई और धूप भी निकली पर धूप पर बादलों का बवंडर भारी दिखा जिससे हल्की उमस का अहसास तो हुआ पर गर्मी से राहत रही.

आंधी और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्णिया और इसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों के लिए अगले 24 से 48 घंटों की समय-सीमा को बेहद संवेदनशील घोषित किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बने चक्रवातीय दवाब के कारण जिले में मौसम का बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात यानी आकाशीय बिजली, तीव्र मेघ गर्जन और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ी हिदायत दी है.

मानसून की आहट से किसानों के चेहरे खिले

इस बारिश ने जहां एक तरफ आम शहरी उपभोक्ताओं के लिए कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर दौड़ गई है. कई दिनों से सूखी पड़ी कृषि भूमि को इस वर्षा से नई जान मिली है. किसानों के मुताबिक, यह बारिश धान की नर्सरी (बिचड़ा) डालने और खरीफ फसलों के लिए समय से पहले आई संजीवनी है, जिससे सिंचाई के लिए डीजल का भारी खर्च बच जाएगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों की यह सक्रियता अगले दो दिनों तक इसी तरह प्रभावी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में भी लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से पूरी तरह निजात मिली रहेगी.

पिछले साल पांच दिन देर से आया था मानसून

उपलप्ध जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में मानसून का आगमन यहां 18 जून को हुआ था. इसी तरह वर्ष 2024 भी विलंब से 20 जून को मानसून आया था. जानकारों के अनुसार, 2023 में समय से पहले 12 जून को आ गया था. इसी तरह 2022 निर्धारित समय 13 जून को मानसून का प्रवेश हो गया था. मौसम विभाग के जानकारों की मानें तो 2020 और 2021 में मानसून का प्रवेश माकूल समय पर हुआ था. बीच के सालों में मानसून के आने का सिलसिला लगातार अनियमित रहा क्योंकि मानसून की एंट्री में देरी हुई थी.

कहते हैं अधिकारी

इस बार केरल में लेट से मानसून का प्रवेश हुआ था पर इसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि मानक तिथि से चार दिन पहले किशनगंज और पूर्णिया होते हुए बिहार में प्रवेश कर गया. बिहार में मानसून का नॉर्मल डेट 15 जून है पर इस बार पहले ही मानसून आ गया जो सुखद संकेत है.

वीरेन्द्र कुमार, वैज्ञानिक सह प्रभारी, मौसम विभाग, पूर्णिया

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