पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Madrauni: भागलपुर जिले के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदरौनी गांव से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ खेत में भिंडी तोड़ने गई एक महिला और अपनी मां की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे उसके युवा पुत्र की बिजली के हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौत हो गई. इस दोहरे वज्रपात से पीड़ित परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग दोनों को इलाज के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.
बांस के सहारे लटक रहा था हाई वोल्टेज तार, मां को तड़पता देख बचाने कूदा सुंदरम
इस हृदयविदारक हादसे और बिजली विभाग की कथित लापरवाही की पूरी कहानी निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती है:
- मृतकों की पहचान: इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुए मृतकों की पहचान रंगरा थाना क्षेत्र के मदरौनी गांव निवासी मनोज कुमार की पत्नी सरिता देवी और उनके पुत्र सुंदरम सिंह के रूप में हुई है.
- कैसे हुआ हादसा: परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सरिता देवी बुधवार को अपने निजी खेत में लगी भिंडी की फसल तोड़ने गई हुई थीं. खेत के ऊपर से बिजली विभाग का एक मुख्य नंगा तार कंक्रीट के पोल के बजाय बांस के अस्थाई खंभे के सहारे अत्यंत नीचे से ले जाया गया था. सब्जी तोड़ने के दौरान महिला का शरीर अनजाने में उस हाई वोल्टेज नंगे तार के संपर्क में आ गया और वे वहीं चिपककर बुरी तरह झुलसने लगीं.
- ममता के आगे बेअसर रहा खतरा: खेत के दूसरे छोर पर मौजूद बेटा सुंदरम सिंह जैसे ही अपनी मां को तड़पता और मौत के मुंह में जाता देखा, वह बिना सोचे-समझे अपनी जान की परवाह किए बिना मां को बचाने के लिए दौड़ पड़ा. लेकिन जैसे ही उसने मां को छुड़ाने के लिए छुआ, वह खुद भी बिजली के शक्तिशाली करंट की चपेट में आ गया और दोनों खेत में ही अचेत हो गए.
GMCH पूर्णिया लाते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, अस्पताल परिसर की आंखें हुईं नम
अस्पताल का मंजर: खेत की तरफ गए अन्य ग्रामीणों की नजर जब दोनों पर पड़ी, तो तुरंत लाठी के सहारे तार को अलग किया गया. परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल पहुंचे. हालांकि, इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टरों ने देखते ही दोनों को ब्रॉट डेड (Brought Dead) घोषित कर दिया. जीएमसीएच परिसर में एक साथ मां और बेटे के शव को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था; उनके चीत्कार और करुण क्रंदन से अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.
कबाड़ व्यवस्था पर भड़के ग्रामीण, पुलिस तफ्तीश में जुटी
इस घटना को लेकर मदरौनी गांव के स्थानीय नागरिकों में विद्युत विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि कृषि फीडर और ग्रामीण इलाकों में जर्जर तारों को बदलने और बांस-बल्ले के सहारे खींची गई मौत की लाइनों को दुरुस्त करने के लिए कई बार लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन इंजीनियरों की सुस्ती का खामियाजा आज इस हंसते-खेलते परिवार को भुगतना पड़ा है.
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है और मामले की कानूनी छानबीन में जुट गई है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दोषी कनीय विद्युत अभियंता पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और पीड़ित मनोज कुमार के परिवार को तत्काल आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा व सरकारी सहायता देने की पुरजोर मांग की है.
