पूर्णिया के रूपौली से विजय कुमार सिंह की रिपोर्ट
Leopard Attacked: पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड अंतर्गत धूसर टीकापट्टी पंचायत के चकला मोड़ बहियार (बहस) इलाके में गुरुवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब मक्के के घने खेतों में छिपे एक तेंदुए (Leopard) ने काम कर रहे स्थानीय किसानों और खेतिहर मजदूरों पर अचानक हिंसक हमला बोल दिया. तेंदुए के इस आकस्मिक हमले में करीब चार से पांच किसान गंभीर रूप से जख्मी हो गए. खेतों से आ रही चीख-पुकार और शोर को सुनकर आस-पड़ोस के गांवों से सैकड़ों की संख्या में उग्र ग्रामीण लाठी, डंडे और पारंपरिक हथियारों के साथ मौके पर जुट गए. ग्रामीणों ने अपनी और अन्य लोगों की जान बचाने के लिए (आत्मरक्षा में) तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया और पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया.
कई दिनों से इलाके में था तेंदुए का आतंक, मवेशियों को बनाया था शिकार
घटना की पृष्ठभूमि को लेकर धूसर टीकापट्टी पंचायत की मुखिया शांति देवी ने बताया कि इस जंगली तेंदुए का आतंक इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार बना हुआ था.
- मवेशियों पर हमला: बुधवार को भी इस तेंदुए ने बथान में बंधे कुछ पालतू मवेशियों (गायों और बकरियों) पर हमला कर उन्हें अपना निवाला बनाया था.
- वन विभाग की लापरवाही: स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी पहले ही वन विभाग को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते रेस्क्यू टीम के न पहुंचने के कारण आज यह बड़ी वारदात हो गई और किसानों की जान दांव पर लग गई.
मक्के की कटनी के दौरान अचानक हुआ हमला, घायलों का इलाज जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चकला मोड़ बहियार में रोजाना की तरह किसान और मजदूर मक्के की फसल काटने और खेतों की निकौनी करने पहुंचे थे. मक्के के ऊंचे पौधों के बीच तेंदुआ पहले से घात लगाकर बैठा था. जैसे ही मजदूर उसके करीब पहुंचे, उसने दहाड़ते हुए उन पर छलांग लगा दी.
इस खूनी संघर्ष में चार से पांच लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं, जिन्हें चेहरे, हाथ और पैर पर तेंदुए के दांत और नाखूनों के गहरे घाव आए हैं. सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है.
मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम, जांच शुरू
प्रशासनिक कार्रवाई: तेंदुए के मारे जाने और भारी बवाल की सूचना मिलते ही टीकापट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत चकला मोड़ बहियार पहुंचे और उग्र भीड़ को शांत कराया. इसके कुछ ही देर बाद बनमनखी से वन विभाग (Forest Department) की विशेष रेस्क्यू टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई.
वन विभाग के अधिकारियों ने मृत तेंदुए के शव (पोस्टमॉर्टम के लिए) को अपने कब्जे में ले लिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीकापट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने आधिकारिक बयान में बताया कि वर्तमान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है. वन विभाग की टेक्निकल टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है कि यह तेंदुआ किस वन क्षेत्र से भटककर रिहाइशी इलाके में आया था. वन्य जीव की मौत को लेकर नियमों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
