पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Andhra Pradesh: रोजी-रोटी की तलाश में परदेस (आंध्र प्रदेश) गए और वहां रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार होकर लौटे पूर्णिया के मजदूरों के संदर्भ में शनिवार को एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया के विशेष वार्ड में भर्ती चार मजदूरों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार दर्ज किए जाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने बीती शाम उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम का एक दुखद पहलू यह भी है कि इसी बीमारी के चलते जिले के 4 अन्य प्रवासी मजदूरों की मौत पहले ही हो चुकी है, जिसके कारण सीमांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कोहराम और मातम का माहौल पसरा हुआ है.
तीन महीने की दवा के साथ 4 मजदूरों को मिली छुट्टी; पटना रेफर 2 की हालत गंभीर
- विशेष वार्ड में चल रहा था इलाज: आंध्र प्रदेश से लौटने के बाद जब इन 6 मजदूरों की तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई, तो इन्हें आनन-फानन में जीएमसीएच पूर्णिया में दाखिल कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार इनकी मॉनिटरिंग कर रही थी.
- हायर सेंटर रेफर: इलाज के दौरान दो मजदूरों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों (Vital Organs) में संक्रमण को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बेहतर न्यूरोलॉजिकल और क्रिटिकल केयर सपोर्ट के लिए पहले ही पटना (AIIMS) रेफर कर दिया था, जहां वे वर्तमान में इलाजरत हैं.
- लंबी दवाइयों का कोर्स: जीएमसीएच में शेष बचे 4 मजदूरों की स्थिति अब पूरी तरह खतरे से बाहर है. डॉक्टरों ने उनके शारीरिक रिकवरी को देखते हुए उन्हें अगले तीन महीने की विशेष दवाइयों का पर्चा (प्रिस्क्रिप्शन) सौंपकर घर जाने की अनुमति दे दी है.
डिस्चार्ज और रेफर हुए मजदूरों की सूची
- पटना एम्स में जिंदगी की जंग लड़ रहे मजदूर (रेफर):
- मो. राजीक
- श्रवण कुमार
- जीएमसीएच पूर्णिया से स्वस्थ होकर घर लौटे मजदूर (डिस्चार्ज):
- विक्रम कुमार
- सीतेश कुमार
- गंगोली कुमार
- उपिन ऋषि
परिजनों ने ली राहत की सांस, सिविल सर्जन की नजर:
पूर्णिया सिविल सर्जन और जीएमसीएच के अधीक्षक ने बताया कि घर लौटे चारों मजदूरों को पूरी तरह आराम करने और खान-पान में कड़ाई बरतने की सलाह दी गई है. स्थानीय स्वास्थ्य उप-केंद्रों को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन कामगारों के घर जाकर समय-समय पर इनके ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच करते रहें.
इन चार मजदूरों के सकुशल घर लौटने से उनके रोते-बिलखते परिजनों ने भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए राहत की सांस ली है. वहीं, जिला प्रशासन अब भी इस बात की जांच कर रहा है कि आंध्र प्रदेश के किस औद्योगिक प्लांट या फैक्ट्री में इन मजदूरों की तबीयत खराब हुई थी, ताकि वहां काम कर रहे बिहार के अन्य मजदूरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके.
