कसबा (पूर्णिया). पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार और कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने कसबा स्थित कलानंद उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान दोनों ने विद्यालय की उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और परिसर की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया. विधायक ने डीएम से विद्यालय की भूमि की विधिवत मापी एवं सीमांकन कराने तथा परिसर में चारदीवारी निर्माण की मांग की. उन्होंने कहा कि चारदीवारी बनने से विद्यालय की जमीन सुरक्षित रहेगी और भविष्य में अतिक्रमण या अनधिकृत उपयोग की आशंका भी कम होगी.
विद्यालय की भूमि की मापी और सीमांकन की मांग
निरीक्षण के दौरान विधायक नितेश कुमार सिंह ने विद्यालय के पास उपलब्ध जमीन की विधिवत मापी और सीमांकन कराने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालय की जमीन का सीमांकन होने से उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही परिसर की चारदीवारी निर्माण कराने का भी आग्रह किया गया.
जर्जर भवनों की मरम्मती और जीर्णोद्धार पर जोर
विधायक ने विद्यालय परिसर में मौजूद जर्जर भवनों की स्थिति का भी जायजा लिया. उन्होंने इन भवनों की आवश्यक मरम्मती एवं जीर्णोद्धार कर उन्हें दोबारा उपयोगी बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह जिला पदाधिकारी से किया. उनका कहना था कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ायी जानी चाहिए.
एमएल आर्या कॉलेज की जमीन पर स्टेडियम बनाने की मांग
निरीक्षण के दौरान कसबा के छात्र-छात्राओं और युवा खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं विकसित करने का मुद्दा भी सामने आया. विधायक नितेश कुमार सिंह ने एमएल आर्या कॉलेज की उपलब्ध भूमि पर सुविधायुक्त खेल स्टेडियम निर्माण की मांग जिला पदाधिकारी के समक्ष रखी.
खेल सुविधाओं से युवाओं को मिलेगा बेहतर मंच
विधायक ने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है. कसबा में शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता है. स्टेडियम बनने से स्थानीय छात्र-छात्राओं और युवा खिलाड़ियों को अभ्यास तथा प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा.
शिक्षा और खेल के विकास को गति देने का प्रयास
नितेश कुमार सिंह ने कहा कि कसबा के शैक्षणिक विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए विकास कार्यों को गति देने का प्रयास लगातार जारी रहेगा. विद्यालय की भूमि की सुरक्षा, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार और खेल सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में शैक्षणिक एवं युवा गतिविधियों को बेहतर आधार मिल सकेगा.
