पूर्णिया जिले के डगरूआ प्रखंड अंतर्गत महथौर पंचायत के विश्वासपुर गांव में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देशानुसार एक दिवसीय 'इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप' (एकीकृत स्वास्थ्य शिविर) का आयोजन किया गया.
जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार तथा सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया के मार्गदर्शन एवं जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. तनवीर हैदर के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कैंप में ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एचआईवी/एड्स से बचाव को लेकर जागरूक किया गया.
मुफ्त एचआईवी जांच और परामर्श की सुविधा
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एचआईवी संक्रमण के कारण, इसके फैलाव, रोकथाम के उपाय और समय पर जांच कराने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि एचआईवी को लेकर समाज में किसी भी प्रकार का संकोच या भय रखने की आवश्यकता नहीं है. जागरूकता, समय पर नियमित जांच, सही चिकित्सकीय परामर्श और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मदद से इस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम संभव है. मौके पर मौजूद लैब तकनीशियनों द्वारा इच्छुक लोगों की गोपनीय तरीके से एचआईवी जांच भी की गई.
स्वास्थ्य कर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस व्यापक ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने समन्वय के साथ कार्य किया:
- चिकित्सकीय नेतृत्व: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजी चंचल के दिशा-निर्देश में शिविर का सुचारू संचालन हुआ.
- प्रशासनिक व तकनीकी सहयोग: बीएचएम अविनाश कुमार सिंह, बीसीएम बंदना कुमारी, एलटी मो. साकिब, आईसीटीसी काउंसलर विक्रांत कुमार, एलटी राकेश कुमार और सीएचओ सुजाता कुमारी ने जांच व काउंसलिंग का जिम्मा संभाला.
- जमीनी स्तर पर मोबिलाइजेशन: एएनएम सोनी कुमारी, आशा फैसिलिटेटर कुमारी सुमन, आशा कार्यकर्ता अपर्णा देवी एवं आंगनबाड़ी सेविका संजू देवी ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को कैंप तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कैंप के सफल संयोजन और संचालन में जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक बी.एन. प्रसाद का विशेष योगदान रहा. बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया.
