पूर्णिया (धमदाहा) से आशीष सिंह की विशेष रिपोर्ट
Human Trafficking: बिहार के पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना प्रक्षेत्र से मानव तस्करी और जबरन निकाह की एक कड़क व झकझोर देने वाली दास्तान सामने आई है. दो बच्चों की मां को उसके ही सगे रिश्तेदारों ने कड़क धोखे का शिकार बनाते हुए गुजरात के एक व्यक्ति के हाथों सौदा कर संधारित कर दिया. पीड़िता किसी तरह चंगुल से छूटकर जब वापस मीरगंज थाना पहुंची, तो उसकी लाइव आपबीती सुनकर पुलिस महकमा भी दंग रह गया. पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस कप्तानों ने त्वरित कमान संभालते हुए मुख्य आरोपी मौसी और उसकी गोतनी को तत्काल दबोच लिया है, जबकि इस रैकेट से जुड़े अन्य कनिष्ठ व वरिष्ठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कड़क छापेमारी की जा रही है.
छठीहार के बहाने मायके बुलाया और फिर दे दिया गुजरात घूमने का कड़क झांसा
इस पूरी विसंगति और धोखेबाजी की मुख्य कड़ियां पीड़िता के बयान के आधार पर बेहद चौंकाने वाली हैं. पीड़ित महिला अपने पति और दो मासूम बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रही थी. करीब दो महीने पहले उसकी सगी मौसी सुलेखा देवी ने अपने घर में बच्चे के जन्म पर आयोजित छठीहार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसे सादर आमंत्रित किया था.
उत्सव खत्म होने के बाद मौसी ने कड़े स्नेह का नाटक रचकर उसे कुछ दिनों के लिए अपने पास ही रोक लिया. इसके बाद बीती 31 मई को मौसी सुलेखा देवी, किरण देवी, मीना देवी और उनके परिचित मुकेश ने महिला के सामने गुजरात घूमने का एक कड़क प्रस्ताव रखा, जिसे महिला ने पति की बिना अनुमति के ठुकरा दिया था. हालांकि, आरोपियों ने एक सप्ताह के भीतर वापस घर छोड़ देने का कड़ा भरोसा दिलाया और उसे अपने झांसे में लेकर ट्रेन पर बैठा दिया.
गुजरात पहुंचते ही रमेश से करा दी शादी; दूल्हे ने ही खोला दो लाख का राज
“गुजरात के तय ठिकाने पर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद रमेश नामक व्यक्ति और संजय के साथ मिलकर रिश्तेदारों ने महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. विरोध करने के बावजूद सभी आरोपियों ने मिलकर उसकी जबरन रमेश के साथ दूसरी शादी करा दी. शादी की रस्में पूरी होते ही दूल्हा बने रमेश ने महिला के सामने कड़क खुलासा किया कि उसकी मौसी और करीबियों ने मिलकर उसे दो लाख रुपये में खरीदा है, इसलिए अब उसे दासी बनकर उसी के साथ रहना होगा.”
रमेश के मोबाइल से मां को दी सूचना; कटिहार जंक्शन पहुंचते ही आरोपी फरार
जब महिला को अपनी खरीद-फरोख्त की लाइव कड़ियों का अहसास हुआ, तो उसने हिम्मत नहीं हारी. उसने मौका पाकर रमेश के मोबाइल से बिहार में रह रही अपनी मां और अन्य प्रबुद्ध रिश्तेदारों को पूरी घटना की कड़क जानकारी दी. इस बीच जब मायके वालों ने गुजरात फोन कर दबाव बनाया, तो रमेश ने शर्त रख दी कि यदि उसके दिए गए दो लाख रुपये वापस मिल जाएं, तभी वह महिला को मुक्त करेगा.
बाद में कानूनी फजीहत से बचने के लिए रमेश ने महिला को आरोपी संजय के साथ वापस बिहार भेजने की कमान सौंपी. ट्रेन जैसे ही कटिहार जंक्शन पहुंची, आरोपी संजय पुलिसिया कड़क कार्रवाई के डर से महिला को अकेला छोड़कर बीच रास्ते से ही रफूचक्कर हो गया, जिसके बाद पीड़िता सीधे मीरगंज थाने पहुंची.
शादी के बहाने मानव तस्करी का बड़ा नेटवर्क; एसडीपीओ ने संभाली विधिक कमान
धमदाहा के एसडीपीओ संदीप गोल्डी ने इस पूरे मामले की लाइव समीक्षा करते हुए बताया कि मीरगंज थाने में सुलेखा देवी, किरण देवी, मीना देवी उर्फ वीणा देवी, मुकेश, संजय तथा गुजरात निवासी रमेश सहित कुल छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी संधारित की गई है. पुलिस कप्तानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौसी सुलेखा देवी और उसकी गोतनी किरण देवी को सलाखों के पीछे भेज दिया है और उनसे कड़क पूछताछ की जा रही है.
प्रारंभिक जांच में यह पूरा प्रकरण महज पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि शादी के बहाने अंतरराज्यीय मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. एसडीपीओ ने साफ कहा कि अनुसंधान के दौरान जो भी कनिष्ठ या वरिष्ठ कमान इस घिनौने कृत्य में संलिप्त पाई जाएगी, उसके विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर ऐसी कड़क कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी.
