Purnia News: पूर्णिया शहर के गुलाबबाग स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में बुधवार 12 अगस्त को भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. मंदिर परिसर को फूलों, गुब्बारों और रंग-बिरंगी लड़ियों से विशेष रूप से सजाया गया है. तेल अभिषेक, पूजा-अर्चना, प्रसाद अर्पण, खिचड़ी महाभोग और रात्रि जागरण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. हर वर्ष की तरह इस बार भी शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों और बाहर रहने वाले श्रद्धालु भी विशेष रूप से भगवान शनिदेव के दर्शन और पूजा के लिए गुलाबबाग पहुंचेंगे.
फूलों और रोशनी से सजा गुलाबबाग का शनि मंदिर
शनिदेव के जन्मोत्सव को लेकर गुलाबबाग स्थित शनि मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
मंदिर परिसर में फूलों की सजावट, रंगीन गुब्बारों और विद्युत लड़ियों से विशेष धार्मिक वातावरण तैयार किया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र आस्था का केंद्र बन गया है.
तेल अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना होगी
शनि मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित शंकर लाल भार्गव ने बताया कि जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भगवान शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित कर अभिषेक करेंगे.
इसके साथ ही फूल-माला, प्रसाद, काले उड़द और तिल चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी. बड़ी संख्या में भक्त पूरे दिन मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करेंगे.
बुंदिया, पेड़ा और खिचड़ी महाभोग की परंपरा
पंडित शंकर लाल भार्गव ने बताया कि इस अवसर पर बुंदिया और पेड़ा का विशेष चढ़ावा चढ़ाया जाता है.
इसके अलावा खिचड़ी महाभोग का आयोजन भी होगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे.
रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन से भक्तिमय होगा माहौल
जन्मोत्सव के अवसर पर शाम से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा.
मंदिर परिसर में श्रद्धालु भगवान शनिदेव की स्तुति और भक्ति गीतों के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा.
Purnia News: बाहर रहने वाले श्रद्धालु भी पहुंचते हैं गुलाबबाग
मंदिर प्रशासन के अनुसार शनि जयंती और जन्मोत्सव के अवसर पर कई श्रद्धालु विशेष रूप से शहर के बाहर से भी गुलाबबाग स्थित शनि मंदिर पहुंचते हैं.
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शनिदेव की पूजा करने, तेल अर्पित करने और तिल-उड़द चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है.
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