Gulabbagh Mandi: कोसी-सीमांचल प्रक्षेत्र के किसानों और अनाज व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी आर्थिक कमान संभालने वाली पूर्णिया की गुलाबबाग मंडी से सोमवार को मिश्रित व्यावसायिक कड़ियां सामने आई हैं. मंडी में इन दिनों मक्के की आवक बढ़ने के बावजूद इसके बाजार भाव में लगातार गरम मिजाज (तेजी) देखा जा रहा है. कारोबारियों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों से मक्के की बाहरी डिमांड में अचानक आई तेजी के कारण स्थानीय मंडियों में भी उत्साह का माहौल संधारित हो गया है. वहीं दूसरी तरफ, लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच सोमवार को गेहूं का बाजार थोड़ा सुस्त और मंदा नजर आया.
दूसरे राज्यों से मांग बढ़ने से कारोबारी उत्साहित; सुपर क्वालिटी ₹2200 के पार
- बाहरी डिमांड से आई तेजी: मक्का व्यवसायी रंजीत सिंह ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों से मक्के की औद्योगिक मांग (पोल्ट्री और स्टार्च फीड के लिए) धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. यही कारण है कि आवक बढ़ने के बाद भी दाम नीचे गिरने के बजाय मजबूत हो रहे हैं.
- सुपर क्वालिटी के ऊंचे दाम: सोमवार को मंडी में पहुंचे अच्छी तरह सूखे और साफ यानी सुपर क्वालिटी वाले मक्के की कड़ियां ₹2140 से लेकर ₹2200 प्रति क्विंटल के भाव पर संधारित की गईं, जिससे कनिष्ठ व वरिष्ठ किसानों के चेहरों पर संतोष देखा गया.
गुलाबबाग मंडी का ताजा बाजार भाव: देखें पूरी लिस्ट
सोमवार को मंडी प्रबंधन और मुख्य कप्तानों (व्यापारियों) द्वारा विभिन्न खाद्यान्नों, दालों और हरी सब्जियों के जो आधिकारिक दाम (प्रति क्विंटल की दर से) संधारित किए गए, वे इस प्रकार हैं:
| अनाज / सामग्री का नाम | अधिकतम मूल्य (₹/क्विंटल) | न्यूनतम मूल्य (₹/क्विंटल) |
| मक्का (Maize) | 2150 | 1930 |
| गेहूं (Wheat) | 2550 | 2470 |
| चावल बासमती | 13000 | 12500 |
| चावल मंसूरी | 3400 | 3250 |
| चावल अरवा मोटा | 3200 | 3050 |
| दाल अरहर | 14500 | 10600 |
| दाल मूंग | 9600 | 9540 |
| दाल मसूर / दाल चना | 6750 / 6600 | 5550 / 5550 |
| सरसों पीला / सरसों काला | 7800 / 7400 | 7300 / 6800 |
| गोटा मूंग / गोटा चना | 9000 / 6400 | 8500 / 6200 |
| लहसुन (Garlic) | 9000 | 5300 |
| प्याज / आलू | 1800 / 850 * | 1600 / 550 * |
नोट: आलू और प्याज के भाव मंडी की आवक और बोरे की गुणवत्ता के आधार पर स्थानीय आढ़त के अनुसार संधारित किए गए हैं.
आने वाले दिनों में मक्का में और अधिक तेजी के संकेत
“गुलाबबाग मंडी में जैसे-जैसे मानसून की कड़ियां और आगे बढ़ेंगी, वैसे-वैसे ड्रायर माल (सूखे मक्के) की मांग में और अधिक उछाल आने की पूरी संभावना है. व्यापारियों का मानना है कि यदि वैश्विक और घरेलू स्तर पर सप्लाई चेन पर दबाव बना रहा, तो मक्के के दाम बहुत जल्द अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, जिससे स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा.”
