पूर्णिया जीएमसीएच में हर रोज पहुंच रहे 100 से अधिक मरीज; सामान्य सर्जरी से मिल रही राहत

GMCH ENT Department: पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) में इन दिनों कान, नाक और गले (ENT) के मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है. अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें ओपीडी परामर्श के साथ-साथ संक्रमण और सामान्य सर्जरी की बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं.

पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट

GMCH ENT Department: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में कान, नाक और गले (ईएनटी) से जुड़ी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं. पूर्णिया स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के आंकड़ों के मुताबिक, यहां प्रतिदिन औसतन 100 से भी अधिक ईएनटी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. मौसम में उतार-चढ़ाव और एलर्जी के चलते किसी-किसी दिन यह आंकड़ा बढ़कर 150 के पार भी चला जाता है. जीएमसीएच के ईएनटी ओपीडी में इलाज कराने वालों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, यानी सभी उम्र के लोग शामिल हैं.

मेजर ऑपरेशन का इंतजार; माइनर सर्जरी से बड़ी राहत

अस्पताल में उपलब्ध वर्तमान चिकित्सीय सुविधाओं और आगामी योजनाओं के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • सामान्य सर्जरी की व्यवस्था: हालांकि तकनीकी कारणों से अभी बहुत गंभीर मामलों के बड़े (मेजर) ऑपरेशन की सुविधा यहां सुचारू नहीं हो सकी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा माइनर ओटी (Minor OT) के माध्यम से मरीजों को बड़ी राहत दी जा रही है.
  • इन समस्याओं का हो रहा सफल इलाज: अस्पताल में वर्तमान में टॉन्सिल, गले के ग्लैंड्स (ग्रंथियों), कान के पर्दों की खराबी, अनचाहे मस्से, नाक-कान के इन्फेक्शन और बच्चों के कान या नाक में गलती से फंसे बाहरी ऑब्जेक्ट्स (फॉरेन बॉडीज) को सुरक्षित निकालने की चिकित्सा एवं सामान्य सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही है.

जीएमसीएच ईएनटी विभाग की स्थिति: एक नजर में

मरीजों की बढ़ती आमद और उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं का विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:

विभाग एवं मुख्य विंगदैनिक मरीज (ओपीडी लोड)उपलब्ध मुख्य स्वास्थ्य सुविधाएं
ईएनटी विभाग, जीएमसीएच पूर्णियाऔसतन 100 से 150 मरीज प्रतिदिनकान-नाक-गला परामर्श, माइनर सर्जरी, इन्फेक्शन का इलाज एवं दवा वितरण.

GMCH ENT Department: जल्द शुरू होंगे ईएनटी के मेजर ऑपरेशन: विभागाध्यक्ष डॉ. अनवर कबीर

संसाधनों के विस्तार और आगामी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विभाग काफी गंभीर नजर आ रहा है.

जीएमसीएच पूर्णिया के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. अनवर कबीर ने बताया कि सीमांचल के दूर-दराज के इलाकों से कान, नाक और गले से संबंधित जटिल समस्याओं को लेकर मरीज हर दिन यहां आते हैं. हमारी टीम उनके त्वरित उपचार के साथ-साथ आवश्यकतानुसार छोटी सर्जिकल प्रक्रियाओं के जरिए उन्हें तुरंत दर्द से राहत पहुंचाती है. आने वाले दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर और कुछ अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाने के बाद, कान, नाक और गले से जुड़े बड़े और जटिल (मेजर) ऑपरेशन भी इसी अस्पताल में नियमित रूप से होने लगेंगे, जिससे मरीजों को सिलीगुड़ी या पटना की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी.

अस्पताल के ओपीडी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि धूल-कण, प्रदूषण और कान साफ करने के लिए नुकीली चीजों का उपयोग करने के कारण संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं. डॉक्टरों ने आम लोगों से अपील की है कि कान या गले की समस्या होने पर किसी भी झोलाछाप डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे जीएमसीएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों से ही संपर्क करें.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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