पूर्णिया : बाढ़ का पानी घटने के साथ अब जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी है. जिलाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर पानी उतरने वाले क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और कीटाणुनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है. वहीं, प्रभावित लोगों के इलाज के लिए मेडिकल कैंप भी सक्रिय रखे गये हैं.
इसी व्यवस्था का जायजा लेने अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सुजय कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने विभिन्न बस्तियों, जलजमाव वाले स्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हो रहे ब्लीचिंग पाउडर व कीटाणुनाशक के छिड़काव की स्थिति देखी. उन्होंने अधिकारियों और स्वच्छता कर्मियों को पानी निकलने वाले इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर सघन छिड़काव कराने का निर्देश दिया.
मेडिकल कैंपों में दवाओं की उपलब्धता पर भी नजर
अपर समाहर्ता ने प्रभावित क्षेत्रों में संचालित मेडिकल कैंपों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कैंप में चिकित्सकों की मौजूदगी, मरीजों के पंजीकरण और दवाओं के स्टॉक की जानकारी ली. एंटी-वेनम, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट समेत जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
पानी घटने के बाद स्वच्छता पर जोर
बाढ़ के बाद जमा पानी, गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी और स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है. अपर समाहर्ता ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिकता है. प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी कार्रवाई की जा रही है.
निरीक्षण के दौरान संबंधित बीडीओ, सीओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी मौजूद थे.
