श्रीनगर (पूर्णिया) से शाहजहां की रिपोर्ट
Fire Incident: पूर्णिया जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र से अगलगी की एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहाँ प्रखंड की जगेली पंचायत के वार्ड संख्या-11 में सोमवार की देर रात अचानक आग लगने से एक ही परिवार के दो घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. इस भीषण हादसे में जगेली पंचायत के 10 नंबर सड़क स्थित वार्ड-11 निवासी पीड़ित महिला रूपा देवी (पति मंटू गोस्वामी) का आशियाना पूरी तरह उजड़ गया है. पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गया है.
देखते ही देखते आग ने धारण किया विकराल रूप, ग्रामीणों ने पाया काबू
घटनाक्रम और उससे हुए नुकसान का सिलसिलेवार विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से देखा जा सकता है:
- अचानक भड़कीं लपटें: प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी अचानक रूपा देवी के घर से धुंआ और आग की लपटें उठती दिखाई दीं. सूखी गर्मी और पछुआ हवा के कारण आग ने पल भर में ही विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते दोनों घरों को अपनी चपेट में ले लिया.
- मशक्कत के बाद बची जान: आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक आस-पास के ग्रामीण शोर मचाते हुए बाल्टियों में पानी लेकर घटनास्थल पर जमा हुए, तब तक दोनों घर धू-धू कर जल रहे थे. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के अन्य घर इसकी चपेट में आने से बच गए.
घर में रखी नकदी, अनाज और फर्नीचर सब कुछ जलकर हुआ स्वाहा
संपत्ति का भारी नुकसान: इस अगलगी में पीड़ित परिवार का सब कुछ बर्बाद हो गया है. घर के भीतर रखा हुआ सालभर का अनाज, पहनने के वस्त्र, बर्तन, कीमती फर्नीचर और आपातकालीन जरूरतों के लिए रखी गई नकदी (कैश) सहित सारा घरेलू सामान जलकर राख की ढेरी में तब्दील हो गया. मंटू गोस्वामी के परिवार ने इस घटना में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई है.
अंचल अधिकारी के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी ने लिया जायजा, मिली तात्कालिक राहत
प्रशासनिक कदम एवं सहायता:
घटना की लिखित सूचना तुरंत श्रीनगर अंचल अधिकारी (CO) निकिता अग्रवाल को दी गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अंचल अधिकारी के निर्देश पर हल्के के राजस्व कर्मचारी राजीव कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने अग्नि पीड़ित परिवार से मुलाकात कर नुकसान का स्थलीय आकलन (जायजा) किया और अपनी रिपोर्ट अंचल कार्यालय को सौंपी.
फिलहाल अंचल प्रशासन की ओर से तत्परता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को तात्कालिक राहत के रूप में रहने के लिए प्लास्टिक शीट (तिरपाल) उपलब्ध कराई गई है. अंचल अधिकारी निकिता अग्रवाल ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत सरकारी राजस्व रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर पीड़ित परिवार को जल्द ही उचित सरकारी मुआवजा और आपदा राहत राशि बैंक खाते में हस्तांतरित (ट्रांसफर) कर दी जाएगी.
