मुख्य बातें:
DM Anshul Kumar: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत पूर्णिया जिले के जिलाधिकारी (DM) अंशुल कुमार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एक बड़ी पहल की है. जिलाधिकारी ने पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) परिसर में चल रहे पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं को पौष्टिक भोजन न दिए जाने की बात सामने आने पर डीएम ने काफी आश्चर्य और नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट निर्देश दिया कि माताओं के लिए भी भोजन की व्यवस्था तुरंत शुरू की जाए.
माताओं को भोजन न मिलने पर जताई हैरानी
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और प्रशासनिक कड़ियों के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं. जब जिलाधिकारी ने एनआरसी वार्ड का जायजा लिया, तो जीएमसीएच के उपाधीक्षक ने उन्हें बताया कि मौजूदा नियमों के तहत यहाँ केवल भर्ती बच्चों को ही पौष्टिक आहार दिया जाता है, उनके साथ रहने वाली माताओं के लिए भोजन की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है.
इस बात पर गंभीर रुख अपनाते हुए डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि बजट या राशि की कोई कमी नहीं है. अगर बच्चों की माताएं खुद भूखी रहेंगी या उन्हें पौष्टिक भोजन नहीं मिलेगा, तो वे अपने बीमार और कुपोषित बच्चों की देखभाल ठीक से नहीं कर पाएंगी. इसलिए बच्चों के साथ-साथ उनकी माताओं को भी पूरा और पौष्टिक आहार मिलना अनिवार्य है.
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कमरे की हालत और खिलौनों पर जताई नाराजगी
डीएम ने वार्ड के भीतर बच्चों के रहने के माहौल और अन्य कमियों को लेकर भी अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई. उन्होंने बच्चों के खेलने के लिए रखे खिलौनों की खराब स्थिति और कमरे के रख-रखाव पर कड़ा असंतोष जाहिर किया.
उन्होंने अस्पताल के उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि बच्चों के कमरे को आकर्षक और साफ-सुथरा बनाया जाए. इसके साथ ही वार्ड की दीवारों पर की गई वॉल पेंटिंग (Wall Painting) को दोबारा से नए और बेहतर ढंग से करवाने के आदेश दिए, ताकि वहाँ रहने वाले बच्चों को एक अच्छा और खुशनुमा माहौल मिल सके.
DM Anshul Kumar: निरीक्षण के समय मौजूद रहे जिले के बड़े अधिकारी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे.
वार्ड के मुआयने के वक्त जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जीएमसीएच के उपाधीक्षक, एपिडेमियोलॉजिस्ट और डीपीसी (DPC) मुख्य रूप से उपस्थित थे. डीएम ने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर एनआरसी केंद्र की व्यवस्थाओं को 24 घंटे के भीतर सुधारने और उसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने का सख्त अल्टीमेटम दिया है.
