होली खत्म होते ही ट्रेनों में बढ़ी भीड़, अब काम पर लौटने के लिए हो रही जद्दोजहद

अब काम पर लौटने के लिए हो रही जद्दोजहद

ट्रेनों की बोगियों में खड़े-खड़े कर रहे लोग दिल्ली का सफर

रिजर्वेशन काउंटर पर सुबह से लग रही यत्रियों की लंबी कतार

पूर्णिया. होली खत्म होने के बाद ट्रेनों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है. पर्व में अपने गांव और घर आए परदेशी बाबू अब अपने-अपने काम पर लौटने लगे हैं. सीमांचल एक्सप्रेस और कोलकाता जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ देखी जा रही है जबकि कटिहार तक जाने वाली ट्रेनों में भी ट्रेन पर सवार होने और जगह पाने के लिए मारामारी की नौबत है. लोग कटिहार से दिल्ली और पंजाब व अमृतसर जाने वाली ट्रेन पकड़ेंगे. अमूमन यही स्थिति पूर्णिया कोर्ट स्टेशन की भी है जहां दिल्ली और लुधियाना जाने वाले लोगों की भीड़ काफी अधिक है. इधर, पर्व को लेकर रिजर्वेशन की लंबी वेटिंग है. रिजर्वेशन काउंटर पर भी यात्री सुबह से रेल टिकट के लिए कतार में खड़े हो रहे हैं.

दरअसल, होली का पर्व खत्म होने के बाद काम पर लौटना लोगों की मजबूरी है. यही कारण है कि पूर्णिया जंक्शन से खुलने वाली हर ट्रेन में एक जैसा हाल है. जितने यात्री बैठे हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग खड़े होकर कर रहे सफर कर रहे हैं. वैसे, होली संपन्न होने के बाद अभी बिहार से बाहर जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ है. भीड़ इतनी कि ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी की स्थिति है. सीमांचल एक्सप्रेस में रविवार को स्लीपर बोगी में जनरल सा नजारा दिखा जबकि जनरल बोगी में जितने यात्री सीट पर थे, उससे ज्यादा खड़े दिखे. चूंकि सीधा दिल्ली के लिए यहां से एकमात्र ट्रेन है इसलिए लोग जोगबनी और सहरसा से कटिहार जाने वाली ट्रेन में भी चढ़ रहे हैं ताकि कटिहार से वे अपने गंतव्य के लिए सीधी ट्रेन पकड़ सकें. दूसरी ओर बनमनखी की सवारी भी खूब हो रही है क्योंकि वहां से अपेक्षाकृत ट्रेन की सुविधा अधिक है.

लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए

सीमांचल एक्सप्रेस से दिल्ली जाने वाले प्रीतम सिन्हा भीड़ छंटने का इंतजार कर रहे थे क्योंकि ट्रेन की हर बोगी के सामने चढ़ने के लिए लोग बेताब थे. पूछने पर उन्होंने कहा कि क्या करें, कोई उपाय नहीं है. उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने कहा कि हर साल होली के समय इसी तरह घर आते-जाते हैं. रेलवे को यहां से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी पर इस पर किसी का ध्यान नहीं है. यह परेशानी अकेले श्री सिन्हा और उनके परिवार की नहीं थी बल्कि कई लोग ट्रेन पर सवार होने की आपाधापी से काफी परेशान थे. यहां उल्लेख्य है कि पूर्णिया से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की मांग लंबे अर्से से होती आ रही है पर इस मामले में राजनीतिक खामोशी बनी हुई है जबकि इस मुद्दे पर कई-कई बार आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गये.

भीड़ से बढ़ी अधिकारियों की परेशानी

होली खत्म होने के बाद अचानक रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है जिससे रेल पुलिस, आरपीएफ एवं अन्य रेलवे अधिकारियों का जहां दायित्व बढ़ गया है वहीं परेशानी भी बढ़ गई है. हालांकि सभी मिल कर भीड़ पर कंट्रोल कर रहे हैं. यही वजह है कि अधिक भीड़ होने के बावजूद लोग ट्रेनों पर सवार हो रहे हैं. इस बीच न तो किसी के ट्रेन छूटने की खबर है और न ही कोई घटना-दुर्घटना ही हुई है. जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों की निगरानी चहुंओर हो रही है. रेल अधिकारियों का कहना है कि अभी अगले चार-पांच दिनों तक भीड़ रह सकती है. पूर्णिया जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक मुन्ना कुमार ने बताया कि होली के बाद लोग अपने काम पर लौट रहे हैं, इसलिए भीड़ बढ़ी है पर यहां सभी कर्मचारी और अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद होकर यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रख रहे हैं.

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