स्वच्छता रैंकिंग के लिए इसी माह पूर्णिया आने वाली है सर्वे की केंद्रीय टीम
केंद्रीय टीम के सवालों का जवाब देने को निगम चला रहा जागरुकता अभियानपूर्णिया से
रिपोर्ट,
स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए नगर निगम ने एक बार फिर कवायद तेज कर दी है. स्वच्छता रैंकिंग के लिए सर्वेक्षण टीम इसी माह पूर्णिया आने वाली है और निगम की कोशिश है कि इस बार पूर्णिया टीम के तमाम मानकों की कसौटियों पर खरा उतर जाए. यह वजह है कि निगम पहले से तैयार रहने के लिए उन तमाम कार्यों को गति दे रहा है जिससे इस बार के सर्वेक्षण में पूर्णिया शहर को छलांग लगाने का अवसर मिल जाए. हालांकि निगम अपने तई पूरी कोशिश कर रहा है पर कहते हैं, इसमें शहरवासियों के फीडबैक की भी अहमियत है. निगम का मानना है कि अपने शहर के लिए नागरिकों को भी टीम के सवालों का जवाब तैयार रखना होगा. दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की सरगर्मी तेज हो गयी है. इसी माह केंद्रीय सर्वेक्षण टीम दौरा करने वाली है. इस बार नगर निगम प्रशासन काफी उत्साहित है और शहर को रैंकिंग में लंबी छलांग लगाने की भी उम्मीद है. परेशानी सिर्फ इतनी है कि सर्वेक्षण टीम का मुख्य उद्देश्य महज भौतिक निरीक्षण करना ही नहीं है. यह टीम शहरवासियों से सीधा फीडबैक लेगी और इसके लिए नागरिकों से सवाल भी पूछे जाएंगे. इसके तहत शहर में कचरा उठाव की नियमितता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और साफ-सफाई, शहर के मुख्य बाजारों और रिहाइशी इलाकों में स्वच्छता का स्तर, नगर निगम द्वारा कराए गए अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता सहित अन्य प्रश्न पूछे जाएगें. विकास और स्वच्छता को लेकर नगर निगम की अपनी तैयारी के अलावा नागरिकों का फीडबैक रैंकिंग का बड़ा आधार बनेगा. इसके लिए शहरवासियों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैंकुल 12500 अंकों के आधार पर तय होगी रैंकिंग
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस साल रैंकिंग कुल 12500 अंकों के आधार पर तय होगी. इस सर्वे में 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल हैं. इस बार सिटिजन फीडबैक की अहमियत बढ़ा दी गयी है. पहले जहां 500 अंक निर्धारित थे, अब इसे बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है. नागरिकों से 12 सवालों के जरिए फीडबैक लिया जाएगा, जिससे शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था का आकलन होगा. स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अंक तीन हिस्सों में बांटे गए हैं. ओडीएफ और वाटर प्लस के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक और फील्ड असेस्मेंट के लिए 10500 अंक तय हैं.रैंकिंग में अव्वल आने की पूरी है तैयारी
जानकारों की मानें तो स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल आने के लिए नगर निगम ने इस बार अपनी रणनीति में कई बदलाव किए हैं. इसके तहत सभी वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठाव की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है. प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है. शहर में ग्रीन पार्क से लेकर तिरंगे लाइट लगे हैं. इसके अलावा हांसदा में कचड़ा का निस्तारण शुरू है और पूर्णिया सिटी में शौचालय की गाद से जैविक खाद्य का निर्माण जारी है. निगम के अधिकारियों का मानना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कचरा निस्तारण और साफ-सफाई पर बेहतर काम हुआ है. इसके अलावा, डिजिटल फीडबैक सिस्टम को भी इस बार पहले से अधिक सक्रिय बनाया गया है. अब देखना यह होगा कि पूर्णिया शहर की जनता अपने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सर्वेक्षण टीम के सामने क्या राय रखती है और पूर्णिया इस बार स्वच्छता के पायदान पर कितनी ऊंचाई छू पाता है.