PURNIA : 10 बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण पूरा, 121 नाव उपलब्ध, 46 जगह निरोधक कार्य : एडीएमओ
पूर्णिया जिले में संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए नदियों के कटान और बाढ़ को रोकने के लिए जिला प्रशासन अपनी तैयारियों में लगा गया है.
पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट :
पूर्णिया जिले में संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए नदियों के कटान और बाढ़ को रोकने के लिए जिला प्रशासन अपनी तैयारियों में लगा गया है. इसी क्रम में जिले के पूर्वी भाग में अवस्थित बायसी अनुमंडल के बैसा, अमौर और बायसी पर विशेष प्रशासन का विशेष फोकस है . अमूमन प्रत्येक वर्ष इन स्थानों पर नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की वजह से बाढ़ आती है. इससे जानमाल की हिफाजत तथा बाढ़ग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों के बचाव एवं उनकी रहन सहन आदि की व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा हर प्रकार की तैयारियां की जा रही हैं.इसके तहत कई स्थानों पर बांधों एवं नदियों के कटाव वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर वहां कटाव रोधी कार्य कराए गये हैं. वहीं चिह्नित आश्रय स्थलों, मेडिकल टीम, नाव, सामुदायिक रसोई वगैरह से जुडी आवश्यकताओं के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. पशुओं को ध्यान में रखते हुए उनके रहने और चारे के लिए भी कार्य किये जा रहे हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव कुमार ने बताया कि जिले में 14 कटावग्रस्त क्षेत्रों तथा 32 स्थानों पर बाढ़ निरोधात्मक कार्य कराये गए हैं. 10 बाढ़ आश्रय स्थलों के निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. बाढ़ अवधि के दौरान मेडिकल टीम एवं मेडिकल कैम्प टीम का भी गठन किया गया है. बाढ़ प्रभावित स्थानों में आवागमन के लिए सरकारी एवं निजी 121 नाव उपलब्ध कराए गये हैं जिनमें कुछ की मरम्मत का कार्य चल रहा है और कुछ निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा रहा है. इनके अलावा शरण स्थलों पर शौचालय, चापाकल, पेयजल सुनिश्चित किये जाने की दिशा में कार्य प्रगति पर है.