पूर्णिया में तीन घंटे से छात्रों और पुलिस के बीच घमासान, कलेक्ट्रेट के पास फिर जुटे प्रदर्शनकारी

पूर्णिया में छात्र संगठनों का प्रदर्शन उग्र हो गया है, जो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में है. कलेक्ट्रेट के पास छात्रों और पुलिस के बीच तीन घंटे से टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें रोड़ेबाजी और बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटनाएं शामिल हैं. जिला प्रशासन हालात को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटा है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों एवं कार्यकर्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को पूर्णिया में निकाला गया छात्र संगठनों का प्रदर्शन लगातार उग्र बना हुआ है. करीब तीन घंटे से कलेक्ट्रेट और आर.एन. साह चौक के आसपास छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.

रोड़ेबाजी, बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस के लाठीचार्ज के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में छात्र कलेक्ट्रेट के समीप जमा हो गए हैं. प्रदर्शनकारी किसी भी कीमत पर कलेक्ट्रेट तक पहुंचने पर अड़े हैं, जबकि पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए लगातार बल प्रयोग कर रही है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल कुमार और एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन स्वयं मौके पर मौजूद हैं और पुलिस बल के साथ पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं. अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है तथा पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया है.

प्रदर्शन के दौरान कई बार छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, नोकझोंक और पथराव की घटनाएं हुईं, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. इसके बावजूद छात्र दोबारा संगठित होकर कलेक्ट्रेट के समीप पहुंच गए और नारेबाजी जारी रखी.

फिलहाल कलेक्ट्रेट क्षेत्र पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील है. प्रशासन हालात को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं. इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.


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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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