छठ पूजन की सामग्रियों की अंतिम खरीदारी को लेकर गुलजार रहे शहर के बाजार

पूर्णिया

पूर्णिया. छठ महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. रविवार सुबह से ही शहर के बाजारों में पूजा-सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पूरा शहर भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हो गया है. महापर्व को लेकर रविवार को भी शहर के बाजार गुलजार रहे. सर्वाधिक भीड़ खुश्कीबाग में नजर आयी जहां लोगों में महापर्व की अंतिम खरीदारी की होड़ मची रही. इसके कारण रेलवे फ्लाइओवर से कटिहार मोड़ के बीच लगातार जाम लगता रहा. जाम में फंसे छोटे-बड़े वाहन रेंगते नजर आए. रविवार को लोग फल व तमाम जरूरत की सामग्रियों की खरीददारी में जुटे रहे. शहर के विभिन्न बाजारों में भट्ठा बाजार से लेकर मधुबनी बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पडी. वैसे, खुश्कीबाग फल मंडी में बड़ी संख्या में स्त्री पुरुष और खुदरा व्यापारियों की जमघट हर रोज लग रही है. शहर के खुश्कीबाग में सुबह ही बाजार सज गये थे. सात बजते-बजते खरीदारी के लिए लोग जुटने लगे. खरीददारी को लेकर अंतिम दिन भारी संख्या में छठव्रती पहुंचे और खरीदारी की. बाजारों में सूप, डलिया, नारियल, गन्ना, केले, मिठाई, दीपक और चुनरी की दुकानों पर विशेष रौनक देखी गई. यहां छठ पर्व में व्यवहार में लायी जाने वाली सामग्रियों से पूरा बाजार पटा पडा है. सूप, टोकरी, डाला, नारियल के साथ साथ सभी तरह के फल यहां उपलब्ध हैं. इन सबकी कीमतों में आम दिनों की तुलना में दस से पंद्रह प्रतिशत की बढ़ोतरी नजर आयी. ————

बांस की बत्तियों से बने सूप और दउरा की बढ़ी मांग

पूर्णिया. अगर देखा जाए तो छठ महापर्व में बांस की पतली और चिपटी बत्तियों से बने सूप और दउरा की अहमियत अब भी बरकारार है. यही वजह है कि बाजार में पीतल के सूप आने के बावजूद बांस के दउरा और सूप की मांग कम नहीं हुई है. पूर्णिया के बाजारों में सूप के दाम सोमवार को 150 से 210 रुपये जोड़ा और दउरा के दाम डेढ से दो सौ रूपए जोड़ा तक बताए गये. इधर, खुश्कीबाग का बाजार अन्य पूजन सामग्रियों के साथ नारियल से भी पट गये हैं. यहां मुख्य रुप से असम के नारियल उतारे जा रहे हैं. कारोबारियों ने बताया कि यहां औसतन पांच से सात ट्रक रोजाना नारियल लेकर पहुंच रहे हैं. खुश्कीबाग से ही शहर और आस पास के बाजारों तक नारियल की सप्लाई की जा रही है. खुदरा बाजार में 80 से 100 रूपए जोड़ा तक नारियल बेचा जा रहा है. वैसे, पहले यहां चेन्नई से भी नारियल आता था पर अब यहां होने वाली खपत की भरपाई असम सहज रुप से कर रहा है.

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कीमतों पर एक नजर

सूप तथा सुपती – 160 से 200 रुपये जोड़ाडगरा – 100 रुपये प्रति पीसटोकरी – 250 से 300 रुपये प्रति पीसनारियल – 60 से 80 रुपये जोड़ाहल्दी पौधा – 200 रुपये सैकड़ा अदरख पौधा – 200 रुपये किलोकेला – 300 से 600 रुपये प्रति घौर गन्ना – 30 से 40 रुपये प्रति गाछटाभा निम्बू – 20 से 30 रुपये प्रति पीससेव – 100 से 150 रुपये प्रति किलोनारंगी – 100 से 150 रुपये प्रति किलोअनार – 1500 से 200 रुपये प्रति किलोअमरुद – 60 से 90 रुपये प्रति किलोअनानाश – 60 से 80 रुपये प्रति पीससुथनी – 150 से 200 रुपये प्रति किलोशकरकंद – 50 से 60 रुपये प्रति किलोगाजर – 60 से 80 रुपये प्रति किलोमूली – 20 से 30 रुपये प्रति किलोपानीफल सिंघाड़ा – 40 से 60 रुपये प्रति किलोमिश्रीकंद – 60 से 80 रुपये प्रति किलोबोड़ा – 40 से 60 रुपये प्रति किलोपान – 2 रुपये प्रति पीससुपाड़ी – 2 रुपये प्रति पीसबद्धी – 12 रुपये प्रति दर्जननींबू- 5 रुपये प्रति पीस

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