सर्वाइकल कैंसर हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन बोले

एचपीवी जागरूकता को ले मीडिया की भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजितपूर्णिया. महिलाओं में बढ़ते गर्भाशय मुख के कैंसर एवं स्वास्थ्य चुनौतियां विषय पर स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जिले के एक होटल में कार्यशाला का आयोजन किया गया. आयोजित इस मीडिया वर्कशॉप में पूर्णिया प्रमंडल के चारो जिलों पूर्णिया, अररिया, कटिहार एवं किशनगंज जिले के दर्जनों पत्रकारों ने भाग लिया. विशेषकर पत्रकारों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में एचपीवी (ह्युमन पोपिलोमा वायरस) के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी. इस मौके पर पूर्णिया के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने अपने स्वागत भाषण में सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि आम लोगों में कुपोषण, एनीमिया, नशा सेवन सहित सर्वाइकल कैंसर हमारे समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की बढती समस्या पर अपनी चिंता प्रकट करते हुए बताया कि अगर हम अपने घरों की 9 से लेकर 14 वर्ष तक की उम्र की बच्चियों को एचपीवी का टीका समय रहते लगवा लें तो गर्भाशय के मुख के कैंसर से उनका भविष्य में बचाव संभव है. उन्होंने मीडियाकर्मियों का आह्वान करते हुए कहा कि टीका को लेकर समाज में जिस भी तरह की भ्रांतियां हैं उसे दूर करने तथा टीकाकरण के लिए समाज में जागृति लाने की दिशा में पत्रकारों से सहयोग की जरुरत है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिले में प्रथम चरण के तहत करीब 10 हजार बच्चियों को इसके टीके लगाये जा चुके हैं और कहीं से भी किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है यह टीका बिलकुल सुरक्षित है और बच्चियों को भविष्य में इस जानलेवा रोग से बचाने के लिए जरुरी है. उन्होंने यह भी बताया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में इसकी स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है.

सोशल मीडिया में भ्रामक खबरों का समाज पर पड़ता है असर

यूनिसेफ की डॉ. पूजा ने सोशल मीडिया में विभिन्न मामलों के बारे में अज्ञानता की वजह से वायरल होने वाली भ्रामक एवं तथ्यहीन बातों को रेखांकित करते हुए सच्ची पत्रकारिता से लोगों की शंकाओं को दूर करने की दिशा में कार्य करने की बात कही. उन्होंने पोलियो और कोविड जैसी महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए भी आम लोगों में जागरूकता बढाने के लिए पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. अन्य वक्ताओं में डॉ. अंशुमान ने जनजागरूकता के साथ साथ महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने की सलाह दी और शरीर में होने वाले परिवर्तनों पर खुलकर अपने परिजनों एवं चिकित्सकों से बात करने को कहा. उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पूर्व जांच से भी सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है. जबकि अर्ली स्टेज में इसकी जानकारी मिल जाने से इसका सम्पूर्ण इलाज संभव है. वहीँ एचपीवी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण एक बेहतर सुरक्षा चक्र है.

अच्छी, सच्ची और सक्सेस स्टोरी से समाज में बढ़ता है विश्वास

दिल्ली से आये पूर्व सीनियर एडिटर एवं सीएएस एक्सपर्ट डॉ. मधुरेन्द्र सिन्हा ने पत्रकारों को उनकी जिम्मेदारियों और उनकी विश्वसनीयता के साथ खबरों की सटीकता व सत्यता की जांच को जरुरी बताया. उन्होंने 12 टूल्स के बारे में चर्चा करते हुए समाज में उनके दायित्वों को भी रेखांकित किया और इस कार्य में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. यूनिसेफ के स्टेट सीएपी सादाब मालिक ने भी एचपीवी वायरस और इसके खिलाफ टीकाकरण अभियान में पत्रकारों से विभिन्न खबरों के माध्यम से समाज में फैली अफवाहों और संशयों को दूर करने का अनुरोध किया. मौके पर पूर्णिया सहित किशनगंज व कटिहार के सिविल सर्जन के अलावा यूनिसेफ की ओर से डॉ. पूजा, डॉ. अंशुमान व अन्य उपस्थित रहे. सम्पूर्ण आयोजन में मंच का संचालन किया शिव शेखर आनंद ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन कैशर इकबाल ने किया.

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Author: SATYENDRA SINHA

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