पूर्णिया में छठ पर 50 करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान

एक सप्ताह पूर्व आर्डर भेज फलों का किया गया स्टॉक

खुश्कीबाग फल मंडी में एक सप्ताह पूर्व आर्डर भेज फलों का किया गया स्टॉक

फलों की फुटकर खरीदारी के लिए भी शहर में सज कर तैयार है अलग-अलग बाजार

पूर्णिया. छठ महापर्व को लेकर खुश्कीबाग फल मंडी अब गुलजार है जबकि शहर के चौक-चौराहों पर फलों के अलग बाजार आबाद हो गये हैं. इस बार फल के थोक विक्रेताओं ने 15 दिन पहले से आर्डर भेज कर संबंधित फलों का स्टॉक पूरा कर रखा है जबकि खपत के हिसाब से फलों का एराइवल रोजाना हो रहा है. वैसे, फलों के दाम में इस बार औसतन दस फीसदी इजाफा हुआ है पर इसके बावजूद बिकवाली में कोई कमी नहीं है. फल विक्रेताओं की मानें तो सिर्फ छठ महापर्व के दौरान इस साल औसतन 50 करोड़ के कारोबार का अनुमान है. फल मंडी में इसी अनुमान के आलोक में स्टॉक किया जा रहा है. गौरतलब है कि खुश्कीबाग फल मंडी में पड़ोस के आठ जिलों से व्यापारी फल की खरीद करने हर रोज आते हैं. यहां दो सौ के करीब आढ़ती हैं जो सभी तरह के फलों का कारोबार करते हैं. अगर देखा जाए तो इस मंडी सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 20 से 25 ट्रक फल दूसरे प्रदेशों से आते हैं जबकि पर्व त्योहार के दिनों यह आंकड़ा काफी बढ़ जाता है. यहां उल्लेख्य है कि कोशी और पूर्णिया प्रमंडल के सभी सात जिलों के लिए खुश्कीबाग में अकेली फल मंडी है. यहां से एक तरफ सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया तो दूसरी तरफ अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया के बाजारों में सभी तरह के फलों की आपूर्ति की जाती है. इसके लिए यहां केरल, बंगाल, नासिक, सिलीगुड़ी, कश्मीर, नागपुर, उड़ीसा, असम और आजादपुर मंडी से बड़े पैमाने पर फल मंगवाए जाते हैं. आढ़तियों की मानें तो रोजाना 25 ट्रक सेव और 15 ट्रक नारियल लदे ट्रक शुक्रवार को भी अनलोड किए गये जबकि यह आवक रोजाना हो रहा है. आढ़तियों ने बताया कि सेव पहले शिमला से आता था लेकिन इस बार कश्मीरी सेव मार्केट मे लाया गया है जिसकी डिमांड काफी है. एक पेटी मे 12-15 किलोग्राम तक सेव रहता है. एक ट्रक में एक हजार पेटी लोड होता है जिसकी अनुमानित कीमत 8-10 लाख रूपये तक होती है. फल विक्रेताओं का अनुमान है कि छठ पर्व मे सेव का 15 ट्रक और संतरा की चार ट्रक खपत होगी. संतरा यहां नागपुर, दार्जिलिंग आदि इलाकों से आ रहा है. एक पेटी मे 20-24 किलो संतरा होता है. एक ट्रक मे करीब 8 टन संतरा रहता है जिसकी कीमत करीब 30 से 35 लाख रूपये होती है. आढ़तियों से खुदरा विक्रेता खरीदारी करते हैं जो थोक विक्रेता के मुकाबले बीस से चालीस प्रतिशत बढ़ा कर बेचते हैं जिससे कारोबार का आंकड़ा बढ़ जाता है. फल विक्रेता विजय कुमार गुप्ता बताते हैं कि इस बार बाजार ज्यादा तेज है.

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आंकड़ों पर एक नजर

50 लाख का रोजाना कारोबार सामान्य दिनों में होता है

25 से 30 फल लदे ट्रकों की आवाजाही रोजाना होती है

25 ट्रक सेव का आवक छठ पर्व को लेकर हुआ15 ट्रक नारियल लदे ट्रक सोमवार को किए गये अनलोड

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