पूर्णिया जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष 'समकालीन अभियान' के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर बायसी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के दालकोला से ऑटो में भरकर लाया जा रहा 1.340 किलोग्राम स्मैक बरामद किया है. मामले में तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.
ऑटो और बाइक से हो रही थी स्मैक की तस्करी
बायसी थाना के अपर थानाध्यक्ष (पुअनि) उत्तम कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के दालकोला से एक ऑटो के जरिए भारी मात्रा में स्मैक की बड़ी खेप बायसी इलाके में लाई जा रही है.
- विशेष टीम का गठन: सूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर बायसी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) जितेंद्र पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया.
- वाहन जांच में मिली सफलता: छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बायसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सघन वाहन जांच शुरू की. इस दौरान दालकोला की ओर से आ रहे एक संदेहास्पद ऑटो को रोककर जब तलाशी ली गई, तो उसमें से 1.340 किलोग्राम स्मैक बरामद हुआ.
पश्चिम बंगाल के तीन तस्कर गिरफ्तार, गाड़ियां जब्त
पुलिस ने मौके से ऑटो सवार दो तस्करों और उनकी आगे-आगे बाइक से रेकी (लाइनर का काम) कर रहे एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया:
- मोहम्मद आफताब आलम: निवासी- उत्तर दालकोला परसरा (वार्ड नं. 11), थाना- दालकोला, जिला- उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल).
- फिरोज अंसारी: निवासी- शरद पल्ली (वार्ड नं. 10), थाना- दालकोला, जिला- उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल).
- दानिश आलम (लाइनर): निवासी- उत्तर दालकोला परसरा (वार्ड नं. 11), थाना- दालकोला, जिला- उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल). (यह आरोपी पल्सर मोटरसाइकिल से आगे-आगे चलकर पुलिस की लोकेशन दे रहा था).
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ऑटो और पल्सर बाइक को जब्त कर लिया है तथा एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
छापेमारी दल में ये रहे शामिल
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय, अपर थानाध्यक्ष उत्तम कुमार, पुअनि अभिषेक कुमार सिंह, सिपाही राहुल कुमार यादव और अमन कुमार मुख्य रूप से शामिल थे. पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है ताकि स्मैक नेटवर्क से जुड़े अन्य धंधेबाजों को भी दबोचा जा सके.
