16 लाख के भुगतान के बदले 46 हजार रुपये कमीशन लेते बैसा बीडीओ व निजी सहायक गिरफ्तार

पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के बीडीओ राज कुमार चौधरी को 46 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई एक वेंडर की शिकायत पर की गई, जिसने सरकारी योजनाओं के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी.

बैसा (पूर्णिया) से सुभाष सिंह की रिपोर्ट

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. निगरानी विभाग की टीम ने पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी राज कुमार चौधरी व उनके निजी सहायक सतीश कुमार को 46 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके सरकारी आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब बीडीओ रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहे थे.

वेंडर की शिकायत पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अनगढ़ थाना निवासी राज किरण एक वेंडर हैं. उन्होंने बैसा प्रखंड में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए लगभग 16 लाख रुपये की निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई थी. सामग्री की आपूर्ति होने के बाद जब राज किरण ने अपने 16 लाख रुपये के वैध भुगतान के लिए बीडीओ राज कुमार चौधरी से अनुरोध किया, तो बीडीओ ने बिना कमीशन के भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कुल राशि के भुगतान के एवज में 46 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी.

जांच के बाद निगरानी की टीम ने की कार्रवाई

परेशान होकर वेंडर राज किरण ने इस भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई से की. शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का अत्यंत गोपनीयता से सत्यापन कराया. जांच में शिकायत और रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सही पाई गई. इसके तुरंत बाद निगरानी की एक विशेष धावा दल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया. गुरुवार को जैसे ही बीडीओ ने अपने आवास पर शिकायतकर्ता से रिश्वत के 46 हजार रुपये लिये तो पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने बीडीओ व उनके निजी सहायक सतीश कुमार को रंगे हाथों दबोच लिया. आरोपी अधिकारी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है.

कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई ने वेंडर राज किरण की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी बीडीओ राज कुमार चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7के तहत मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में कांड संख्या-21/2026 दर्ज की गई है. गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम थाना पहुंची, जहां आगे की कार्रवाई जारी है. इसके बाद आरोपी बीडीओ को टीम पटना लेकर रवाना होगी. पटना में आवश्यक कागजी कार्रवाई और पूछताछ के बाद शुक्रवार को उन्हें पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप है.

दोनों आरोपितों से हो रही है पूछताछ : अपर पुलिस महानिदेशक 

विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार ने बताया कि राज किरण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 लाख रुपये के बिल भुगतान के एवज में बीडीओ द्वारा 46 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है. शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए. सत्यापन के दौरान बीडीओ ने शिकायतकर्ता से स्पष्ट कहा कि जब तक 46 हजार रुपये कमीशन नहीं दिया जाएगा, तब तक बिल का भुगतान नहीं होगा. शिकायत की पुष्टि के बाद कांड संख्या 21/2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके बाद गठित धावा दल ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए बीडीओ राजकुमार चौधरी और उनके निजी सहायक सतीश कुमार को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है तथा मामले में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई एवं अनुसंधान जारी है. 

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