पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: 'नो व्हीकल डे' पर ई-रिक्शा से पंचायत के दौरे पर निकले अमौर बीडीओ, आम जनता से की खास अपील

पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजा राम पंडित ने प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय मिसाल पेश की है. सरकार द्वारा घोषित 'नो व्हीकल डे' (No Vehicle Day) के अवसर पर उन्होंने शुक्रवार को अपनी वीआईपी सरकारी गाड़ी का परित्याग किया और ई-रिक्शा पर सवार होकर पंचायतों के औचक निरीक्षण पर निकल पड़े.

सरकारी गाड़ी छोड़ भवानीपुर पंचायत के लिए ई-रिक्शा से हुए रवाना

शुक्रवार सुबह अमौर ब्लॉक मुख्यालय में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. रोज बड़े काफिले और सरकारी गाड़ी से चलने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारी राजा राम पंडित ब्लॉक परिसर में खड़े एक साधारण ई-रिक्शा पर सवार हुए. यहाँ से वे सीधे भवानीपुर पंचायत में चल रही विकास योजनाओं की भौतिक प्रगति का जायजा लेने और स्थलीय निरीक्षण के लिए रवाना हुए.

बीडीओ के इस कदम को देखकर ब्लॉक मुख्यालय के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण बेहद प्रभावित नजर आए.

प्राकृतिक संसाधनों और ईंधन को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत

ई-रिक्शा से दौरे पर निकलने के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बीडीओ राजा राम पंडित ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे सीमित प्राकृतिक संसाधनों को बचाना आज के वैश्विक परिदृश्य में मानव जाति की सबसे बड़ी जरूरत है.

बीडीओ द्वारा रेखांकित की गईं मुख्य बातें:

  • सरकारी निर्देशों का अनुपालन: सरकार द्वारा प्रत्येक शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया गया है. इसी के तहत आज हम सभी सरकारी कर्मी सामान्य परिस्थितियों में निजी या ईंधन चालित सरकारी वाहनों का उपयोग पूरी तरह बंद रखे हुए हैं.
  • राष्ट्र निर्माण में सहयोग: सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का अधिकतम उपयोग कर हम न केवल पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बना सकते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन बचत में भी अपना छोटा सा योगदान दे सकते हैं.

अमौर प्रखंड की जनता से की ‘हफ्ते में एक दिन गाड़ी न चलाने’ की अपील

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने न केवल स्वयं इस नियम का कड़ाई से पालन किया, बल्कि अमौर प्रखंड की प्रबुद्ध जनता और युवाओं से भी इस अभियान का सक्रिय हिस्सा बनने की पुरजोर अपील की.

उन्होंने क्षेत्रवासियों से कहा, “हम सभी को अपनी आने वाली पीढ़ी के सुनहरे भविष्य के लिए सजग होना होगा. इसके लिए हर नागरिक सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने निजी वाहनों (बाइक या कार) का प्रयोग बंद करने का संकल्प लें. आवश्यक कार्यों के लिए ज्यादा से ज्यादा साइकिल, पैदल या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें. ईंधन की बचत ही भविष्य की सुरक्षा है.” बीडीओ की इस अनूठी पहल की अब पूरे पूर्णिया जिले के प्रशासनिक हलकों और सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है.

अमौर (पूर्णिया) से सुनील कुमार की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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