पूर्णिया : पूर्णिया के सरकारी विभागों में सरकारी अफसरों और बाबुओं ने पिछले एक साल में एक करोड़ 56 लाख 93 हजार 972 किलोवाट ऊर्जा खपत की है. बिजली बिल के रूप में इसकी कीमत 15 करोड़ 69 हजार 720 रुपये आंकी गयी है. इस आंकड़े का खुलासा तब हुआ जब जल जीवन हरियाली अभियान के तहत ऊर्जा बचत के कार्यक्रम को लेकर एक साल की ऊर्जा खपत का आकलन किया गया. यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2018-19 का है.
एक साल में सरकारी दफ्तरों में जली पौने 16 करोड़ की बिजली
पूर्णिया : पूर्णिया के सरकारी विभागों में सरकारी अफसरों और बाबुओं ने पिछले एक साल में एक करोड़ 56 लाख 93 हजार 972 किलोवाट ऊर्जा खपत की है. बिजली बिल के रूप में इसकी कीमत 15 करोड़ 69 हजार 720 रुपये आंकी गयी है. इस आंकड़े का खुलासा तब हुआ जब जल जीवन हरियाली अभियान […]

ज्ञात हो कि पूर्णिया प्रमंडलीय मुख्यालय है. यहां प्रमंडल से लेकर जिला एवं प्रखंड तक दो दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालय हैं. सरकारी निर्देश के अनुसार जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बिजली की खपत आधी की जानी है.
यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से दो अक्तूबर से लागू हो जानी है. इसके लिए बिजली विभाग एवं जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर की है. हालांकि पुरानी परिपाटी को नये सांचे में ढालना थोड़ा मुश्किल है जिसके कारण इसमें विलंब होता दिख रहा है.
हालांकि पूर्णिया के डीएम राहुल कुमार ने सभी विभागों एवं कार्यालयों को ऊर्जा खपत कम करने का मशवरा सभी विभागों को दिया है. डीएम ने यह भी कहा है कि हर महीने बिजली बिल का आकलन कराया जायेगा. डीएम ने यह भी कहा है कि जो विभाग ऊर्जा बचत करने में आगे आयेगा उसे पुरस्कृत किया जायेगा.
बिजली विभाग ने शुरू की ऊर्जा बचत
ऊर्जा बचत की शुरुआत बिजली विभाग ने कर दी है. पिछले एक सप्ताह से बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में एसी बंद कर दिया गया था. दिन के समय प्राकृतिक रोशनी के लिए खिड़की खुली रखी गयी थी.
उसकी देखा-देखी विभाग के अन्य कार्यालयों में भी शुरू कर दी गयी है. इधर प्रशासनिक महकमे में भी अब कार्यालय बंद करने के समय न सिर्फ सभी स्विच ऑफ किये जा रहे हैं बल्कि एमसीबी भी डाउन कर दिये जा रहे हैं.
तीन सौ से अधिक सरकारी कंज्यूमर
बिजली विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पूर्णिया में तीन सौ आठ सरकारी कंज्यूमर हैं. जिसमें प्रशासनिक महकमे के सारे कार्यालय हैं. सरकार ने निर्देश दिया था कि सभी विभागों में अलग-अलग कार्यालयों में सब-मीटर लगाया जायेगा. लेकिन पूर्णिया में पहले से अलग-अलग विभागों के अलग-अलग कार्यालयों में अलग-अलग मीटर लगे हुए हैं. दो चार कार्यालय ही ऐसे हैं जहां सब-मीटर लगाया जा रहा है.
प्राइवेट उपभोक्ताओं के माथे पर है 58 करोड़
जिले में शहर में कम से कम 48 हजार बिजली के उपभोक्ता हैं. ग्रामीण इलाके में पांच लाख के करीब उपभोक्ता हैं. विभागीय सूत्र बताते हैं कि पूर्णिया शहर के उपभोक्ताओं के ऊपर 47 करोड़ 35 लाख तथा गुलाबबाग और खुश्कीबाग के उपभोक्ताओं पर 10 करोड़ 75 लाख का बकाया है. अब तक के सत्यापन में 50 हजार रुपया से अधिक पांच लाख का बकाया रखनेवाले उपभोक्ताओं की संख्या एक हजार है.
इनमें दस हजार से अधिक बिल वाले बकायेदार उपभोक्ता की संख्या चार हजार 339 है. साथ ही 20 हजार एवं इससे अधिक बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या दो हजार 848 है. सभी उपभोक्ताओं को बिजली खपत कम करने के लिए सलाह देकर जागरूक किया जा रहा है.
सभी उपभोक्ताओं से ऊर्जा की खपत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. अनावश्यक ऊर्जा खपत और अनावश्यक बिजली बिल से बचने की सलाह दी गयी है. इससे उपभोक्ताओं का ही कल्याण होगा.
नटवर लाल गुप्ता, कार्यपालक अभियंता, एनबीपीडीएल कंपनी