पूर्णिया : सदर अस्पताल में अब हर महीने औसतन 10 हजार मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच मुहैया करायी जा रही है. आलम यह है कि पैथोलॉजिकल विभाग के समक्ष सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है. सामान्य जरूरत की सभी जांच उपलब्ध रहने के कारण मरीज भी प्राइवेट पैथोलॉजी में जाकर जेब ढीली करना मुनासिब नहीं समझते हैं. सुबह 8 बजे से 12 बजे की बीच ओपीडी का संचालन होता है. इस दौरान पैथोलॉजी विभाग में मरीजों की भीड़ सर्वाधिक होती है.
पैथोलॉजिकल जांच के लिए हर महीने 10 हजार मरीज आते हैं सदर अस्पताल
पूर्णिया : सदर अस्पताल में अब हर महीने औसतन 10 हजार मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच मुहैया करायी जा रही है. आलम यह है कि पैथोलॉजिकल विभाग के समक्ष सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है. सामान्य जरूरत की सभी जांच उपलब्ध रहने के कारण मरीज भी प्राइवेट पैथोलॉजी में जाकर जेब ढीली […]

इस अवधि में औसतन 250 से 300 मरीजों की जांच के लिए खून आदि के नमूना एकत्रित किये जाते हैं. सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद और अधीक्षक डॉ इन्द्रनारायण खासतौर से मरीजों को पैथोलॉजी सुविधा प्रदान करने के लिए तत्पर हैं. इसके लिए तीन शिफ्ट में तकनीशियनों की ड्यूटी लगा दी गयी है. इस तरह से 24 घंटे नमूने एकत्र कर जांच के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है.
जांच की सुविधा
सदर अस्पताल में पिछले चार महीने से 24 घंटे पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. 24 घंटे सुविधा मिलने की वजह से ही मरीजों की तादाद काफी बढ़ गयी है. पिछली व्यवस्था में जहां रोजाना औसतन 150 के आसपास मरीजों की पैथौलॉजी विभाग में जांच की जा रही थी, वहीं अब यह संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गयी है. इनडोर आनेवाले मरीजों को किसी भी वक्त जांच के लिए भेजा जाता है.
कहते हैं सिविल सर्जन
शाम और रात के वक्त भी पैथोलॉजिकल जांच की आवश्यकता महसूस हो रही थी. इसे देखते हुए मरीजों के हित में 24 घंटे की जांच सुविधा प्रदान की जा रही है.
डॉ. मधुसूदन प्रसाद, सिविल सर्जन