पूर्णिया. शहरी विकास से जुड़े पहलुओं के अध्ययन के लिए विश्व बैंक की पांच सदस्यीय टीम ने मंगलवार को पूर्णिया शहरी क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान जिला पदाधिकारी सह समाहर्ता अंशुल कुमार के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया. टीम ने जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट, जिला नियंत्रण कक्ष तथा समाहरणालय परिसर स्थित तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन किया. इसके साथ ही जिला अभिलेखागार पूर्णिया में संरक्षित प्राचीन दस्तावेजों का गहन अध्ययन भी किया. जिलाधिकारी ने अभिलेखागार में सुरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए उनके संरक्षण एवं डिजिटलीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्देश अभिलेखागार पदाधिकारी डॉ. जयशंकर प्रसाद को दिया. उन्होंने कहा कि यहां लगभग 200 वर्षों पुराने अभिलेख संरक्षित हैं, इनमें ब्रिटिश काल की प्रशासनिक, सामाजिक, भौगोलिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इन दस्तावेजों का संरक्षण नई पीढ़ी को अपने इतिहास को समझने का अवसर देगा और अतीत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा. दौरे के दौरान विश्व बैंक टीम के सदस्य-रोसाना निट्टी (सीनियर अर्बन स्पेशलिस्ट),वसुधा ठवाकर (सीनियर अर्बन स्पेशलिस्ट),पूनम आलूवालिया (सीनियर म्युनिसिपल इंजीनियर), योजी तोरिउमी (अर्बन डिजाइनर एवं स्पेशल प्लानर) तथा प्रकाश गौर (प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन स्पेशलिस्ट) उपस्थित रहे.इस अवसर पर अपर समाहर्ता रवि राकेश, राजकुमार गुप्ता, सुजय कुमार सिंह, रवि शंकर उरांव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.
पूर्णिया में विश्व बैंक टीम का दौरा, 200 वर्ष पुराने अभिलेखों के संरक्षण पर जोर
200 वर्ष पुराने अभिलेखों के संरक्षण पर जोर
