पूर्णिया : सोमवार की अहले सुबह हुए बस हादसे में 12 वर्षीय यश सिंह ने अपनी नन्ही बहन की जान बचा कर राखी का फर्ज अदा किया. कम उम्र के बावजूद उसने अपना हौसला नहीं खोया. वक्त की नजाकत को देखा और बगल की सीट पर बैठी अपनी बहन को कंधे पर उठा कर आग की धधकती लपटों की परवाह किये बगैर खिड़की के टूटे हुए शीशे के रास्ते बाहर कूद गया. हालांकि इसमें वह घायल भी हो गया पर उसे लोगों ने सदर अस्पताल पहुंचा दिया जहां उसका इलाज चल रहा है.
12 वर्षीय यश ने नन्हीं बहन की जान बचा राखी का फर्ज किया अदा
पूर्णिया : सोमवार की अहले सुबह हुए बस हादसे में 12 वर्षीय यश सिंह ने अपनी नन्ही बहन की जान बचा कर राखी का फर्ज अदा किया. कम उम्र के बावजूद उसने अपना हौसला नहीं खोया. वक्त की नजाकत को देखा और बगल की सीट पर बैठी अपनी बहन को कंधे पर उठा कर आग […]

बस हादसे के दौरान अपने साथ अपनी बहन की जान बचाने के कर्म में यश सिंह के दोनों हाथ झुलस गये हैं. ओंठ भी जल गया है. वह बोलने की स्थिति में नहीं है पर पूछने पर उसने मना नहीं किया.
यश ने बताया कि वह अपनी मां श्वेता सिंह और बहन अंशिका के साथ समस्तीपुर के हरसिंहपुर से वापस अपने घर पूर्णिया के रामनगर आ रहा था पर रास्ते में हादसा हो गया. उसने बताया कि मां श्वेता को आग की लपटों में चपेट में ले लिया था. वह बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रही थी पर आग की भयावह लपटों को देख कोई बस के अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा रहा था.
उसने बताया कि उसे कुछ समझ में नहीं आया तो बहन को आनन-फानन में उठा कर कूद पड़ा. यश रामनगर के ही प्रीमियर स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र हैं. हालांकि इस हादसे में उसकी मां श्वेता पूरी तरह से झुलस गयी है जिसे हाइयर सेंटर रेफर किया गया है.