पूर्णिया : परिवहन विभाग की अनदेखी से वाहन चालक मनमानी पर उतर आये हैं. इससे अब सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही जाम नहीं बल्कि गलियों में भी हमेशा जाम लग जाता है. इसका निदान किसी के पास नहीं है. जवाबदेह अधिकारी अथवा पुलिस को लगता है कि इस समस्या से दूर-दूर तक कोई मतलब ही नहीं है.
दरअसल, यह नया झमेला है. वाहनों की संख्या बेतरतीब बढ़ी हैं. यह बात सही है. वाहनों के लिए रोजाना रजिस्ट्रेशन भी हो रहा है. विभाग को सब कुछ मालूम हे लेकिन इतनी चिंता नहीं है कि वाहनों को लेकर शहर में क्या परेशानियां हो रही हैं? महज सालभर पहले यह पोजीशन नहीं था. वाहन चालकों अथवा बाइकर्स को इतनी मनमानी की छूट नहीं थी. शहर में लोग सहज तरीके से चलते थे. अब जहां जाते हैं वहीं जाम का सामना करना पड़ता है.
कहां-कहां लगता है जाम . बस स्टैंड में स्थायी जाम रहता है. वहां जाम का कारण रोड पर ही बसों को खड़ी कर पैसेंजर उठाया जाता है. यह दिनभर चलता है. कोई रोक-रूकावट नहीं है. कुछ पुलिस रहती है मगर वह सिर्फ नाम का. जांच के नाम पर परिवहन विभाग का आज तक कोई अभियान बस स्टैंड के आस पास नहीं दिखता.
इससे इतर भट्ठा बाजार के लखन चौक पर तो प्रति घंटे जाम लगती है उसे भी देखने वाला कोई नहीं है. खीरू चौक से पूरब जाने वाली रोड इन दिनों वाहन पड़ाव सा बन गया है. लाइन बाजार में तो सिक्स लेन हो जाने के बाद भी वाहनों की जमघट रोड पर ही रहती है. ऐसे में टैफिक-फ्री रोड की कल्पना बेमानी होगी.
जाम का सबसे बड़ा कारण . शहर में एक भी वाहन पड़ाव नहीं है. वाहनों को खड़ी करने के लिए जगह नहीं होगी तो जाहिर है कि यत्र-तत्र वाहनों का जमावड़ा होगा ही. कई बार नगर निगम ने इस संबंध में योजना बनायी लेकिन अब तक जो हालत हैं वह किसी से छुपा नहीं है.
वाहन खड़ा करने का नया ट्रेंड . शहर में बीच सड़क पर वाहन खड़ी करने का मनमानापूर्ण नया ट्रेंड इन दिनों काफी तेजी से चला है. इससे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. क्योंकि इससे जाम तो लगता ही है उपर से रोड पर वाहन खड़ी करने वाले व्यक्ति से आम लोगों का विवाद बढ़ जाता है. इस ओर किसी का ध्यान नहीं है.
