पूर्णिया : जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सहायक नवल किशोर सिंह के हत्यारोपी कोरठबाड़ी निवासी मो शगीर को घटना के कुछ ही घंटे बाद केहाट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. लेकिन घटनाक्रम के मंथन में लगी पुलिस को हत्याकांड की गुत्थी उलझती नहीं नजर आ रही है. जैसे ही अनुसंधान की दिशा क्लाइमेक्स तक पहुंचती है, पुलिस खामोश होकर पुन: विचार करने लगती है. ऐसी संभावना है कहीं दो के झगड़े में तीसरे शख्स ने तो घटना को अंजाम दे दिया.
नवल किशोर हत्याकांड: कहीं दो के झगड़े में तीसरे शख्स ने घटना को अंजाम तो नहीं दिया?
पूर्णिया : जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सहायक नवल किशोर सिंह के हत्यारोपी कोरठबाड़ी निवासी मो शगीर को घटना के कुछ ही घंटे बाद केहाट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. लेकिन घटनाक्रम के मंथन में लगी पुलिस को हत्याकांड की गुत्थी उलझती नहीं नजर आ रही है. जैसे ही अनुसंधान की दिशा क्लाइमेक्स तक पहुंचती […]

पुलिस के अनुसार घटना से 08 दिन पूर्व मृतक पक्ष व आरोपित पक्ष के बीच हुए विवाद का केहाट थाना में न केवल बांड पेपर बना बल्कि दोनों पक्षों पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की गयी. इतनी प्रक्रिया के बाद आरोपित किस प्रकार नवल किशोर सिंह की गोली मार कर हत्या करेगा यह मंथन का विषय है.
इतना सत्य है कि आरोपित से जिस प्रकार का बांड बनवाया गया इसमें दूसरे पक्ष पर क्षति पहुंचाने पर वह सीधी तौर पर अभियुक्त बन जायेगा. लेकिन सवाल यह है कि कोई व्यक्ति जानबूझ कर अपना गला नहीं कटवायेगा. ऐसे में यह सोचना लाजिमी हो जाता है कि दो पक्षों के बीच के विवाद में किसी तीसरे ने बड़े आसानी से घटना को अंजाम दे दिया हो.
जहां तक रुपये के लेन देन को लेकर हत्या का मामला बना है, इसे पुलिस को न निगलते बन रहा है और न ही उगलते. मृतक के परिजनों के बयान में भी अंतर है. इनके अनुसार घटना से पूर्व मृतक अपने किराये के मकान से पैदल निर्माणाधीन मकान जा रहा था इसी दौरान पूर्व से घात लगाये अपराधियों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर दी.
मृतक का अहले सुबह निर्माणाधीन मकान आना एक इत्तेफाक था न कि रूटीन वर्क. उनके जाने की जानकारी परिजनों के अलावा किसी को नहीं थी. जहां तक ट्रक से बालू गिरवाने की बात है तो मृतक अपने छोटे भाई को बालू मंगवाने के लिए मरंगा भेजने वाले थे. छोटे भाई के अनुसार उनके भैया ने बताया कि उन्हें चुनाव प्रशिक्षण में जाना है, इसलिए वह रुपये लेकर मरंगा से बालू लाकर गिरवा ले.
वहीं दूसरी ओर मृतक के भाई का आरोप है कि किराना दुकानदार मो शगीर पर 1.85 लाख रुपये का उधार है, जिसके चुकता नहीं करने के बाद विवाद हुआ था और बात थाने तक पहुंची. घटना के बाद उन्होंने इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर प्रश्न चिह्न खड़े किये. जबकि शगीर ने बताया कि उसके ही 65 हजार रुपये मृतक के भाई पर उधार है. इस आरोप प्रत्यारोप के अंतर से पुलिस पसोपेश में पड़ गयी है.
पुलिस इस नजरिये से भी सोचने लगी है कि ऐसी परिस्थिति में कोई शख्स अपने को सीधी तौर कैसे फंसा सकता है. मृतक के भाई के आवेदन पर मधुबनी टीओपी में हत्या मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी में कोरठबाड़ी मो. शगीर और मो. शकील को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.