ट्रेनों पर सुविधाओं का अभाव सफर में संघर्ष करते हैं यात्री

रेल यात्रियों की सुविधा के मामले में रेल प्रशासन उदासीन पूर्णिया जंक्शन को दर्जा ए ग्रेड का, पर सुविधा सी ग्रेड जैसी भी नहीं पूर्णिया : कटिहार-जोगबनी रेलखंड में पूर्णिया से गुजरनेवाली ट्रेनों में सुविधाओं का सर्वथा अभाव है. असुविधाओं के बीच सफर करना यात्रियों की विवशता बनी है. यह शिकायत आम है कि इस […]

रेल यात्रियों की सुविधा के मामले में रेल प्रशासन उदासीन

पूर्णिया जंक्शन को दर्जा ए ग्रेड का, पर सुविधा सी ग्रेड जैसी भी नहीं
पूर्णिया : कटिहार-जोगबनी रेलखंड में पूर्णिया से गुजरनेवाली ट्रेनों में सुविधाओं का सर्वथा अभाव है. असुविधाओं के बीच सफर करना यात्रियों की विवशता बनी है. यह शिकायत आम है कि इस रेलखंड में चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव और सफाई के मामले में रेल प्रबंधन गंभीर नहीं. यात्रियों का कहना है कि ट्रेन की बोगियों में हर तरफ फैली गंदगी और बदबू से ट्रेनों में सफर करना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि यात्रियों की असुविधाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और इससे असंतोष का माहौल बन रहा है. यात्रियों की शिकायत है कि सुविधा मुहैया कराने में रेल अधिकारी उदासीन साबित हो रहे हैं. आलम यह है कि ट्रेन लंबी हो गयी है
और उसके सामने प्लेटफॉर्म का शेड छोटा हो गया है. ट्रेन की जो बोगी शेड सीमा में ठहरती है वहां तो आराम है पर शेड से बाहर रूकने वाली बोगी के यात्री तब परेशान हो जाते हैं जब या तो तेज बारिश हो रही होती है या फिर कड़ी धूप रहती है. पूर्णिया जंक्शन पर यूरिनल और शौचालय का सर्वथा अभाव बना हुआ है. खास तौर पर प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर इसकी परेशानी ज्यादा है. उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय ने पूर्णिया जंक्शन को ए ग्रेड स्टेशन का दर्जा दे रखा है. इस लिहाज से पिछले दस सालों में काफी बदलाव किये गये और व्यवस्था में भी सुधार हुआ. पहले यहां छोटी लाइन थी पर आज बड़ी लाइन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन हो रहा है.
लंबी दूरी की तीन जोड़ी ट्रेन भी चल रही है. स्टेशन पर अभी कुल तीन प्लेटफॉर्म हैं और माल गाडी के लिए रैक प्वाईंट भी बना हुआ है. मगर विडंबना है कि इस स्टेशन पर सी ग्रेड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. पूर्णियावासियों की यह मांग दशकों से है कि पूर्णिया होते हुए लंबी दीरी की ट्रेन गुजरे. हालांकि अपने रेलमंत्रित्वकाल में लालू प्रसाद ने जोगबनी से पटना के लिए इंटरसिटी के परिचालन की घोषणा की थी पर उनके हटते ही यह घोषणा धुमिल हो गई. यह विडम्बना आज तक बनी है कि आज भी लोगों को लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेन पकड़ने के लिए कम से कम कटिहार जाना पड़ता है. हालांकि दिल्ली के लिए सीमांचल और हमसफर एक्सप्रेस है पर इसमें सफर करने में लोगों को फजीहत हो जाती है.
आंकड़ों का आईना
247 साल पुराना है पूर्णिया जिला
11 रेलवे स्टेशन हैं पूर्णिया-जोगबनी रेलखंड में
08 हॉल्ट हैं पूर्णिया से जोगबनी के बीच
07 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें इस रूट में आती-जाती हैं
03 एक्सप्रेस ट्रेन चलती हैं इस रूट में
03 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन सहरसा रूट में चलती है
01 एक्सप्रेस हमसफर सहरसा होते दिल्ली जाती है
10 हजार से अधिक यात्री रोजाना करते हैं सफर
03 रैक प्वाइंट हैं रेलवे के इस परिक्षेत्र में
कहते हैं अधिकारी
यात्रियों की सुविधाओं के बारे में रेलवे के वरीय अधिकारियों को लिखा गया है. इसमें कई सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं. प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. वैसे जो परेशानी सामने आ रही है उसका निदान किया जा रहा है.
मुन्ना कुमार, स्टेशन अधीक्षक, पूर्णिया जंक्शन

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