Bihar Politics: प्रशांत किशोर बांकीपुर के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक और मजबूत गढ़ में चुनौती देने की तैयारी में हैं. बिहारविधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले दिव्या ज्योति ने जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इसके साथ ही पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है। इस सीट पर पिछले तीन दशक से भाजपा का कब्जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, जन सुराज इस बार भाजपा के नवल किशोर यादव के सामने दिव्या ज्योति को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है.
नवल किशोर यादव 1996 से लगातार भाजपा के समर्थन से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं. ऐसे में 2026 के विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी दिव्या ज्योति को अपना उम्मीदवार बनाकर भाजपा के इस परंपरागत गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर सकती है.
जन सुराज में शामिल हुईं दिव्या ज्योति
दिव्या ज्योति ने मंगलवार को पटना में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. जन सुराज में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा, "मैं महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हुए सामाजिक न्याय के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार आवाज उठाती रही हूं." उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने जन सुराज का दामन थामा है.
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चुनाव लड़ने पर क्या बोलीं दिव्या ज्योति?
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर दिव्या ज्योति ने कहा कि प्रशांत किशोर और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से जो निर्देश मिलेगा, वह उसी के अनुसार काम करेंगी. हालांकि, उनके जन सुराज में शामिल होने के साथ ही पटना शिक्षक सीट से पार्टी की संभावित उम्मीदवार के तौर पर उनके नाम की चर्चा तेज हो गई है.
कौन हैं दिव्या ज्योति?
दिव्या ज्योति पटना की रहने वाली हैं और मूल रूप से बाढ़ की निवासी हैं. वह चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और चाणक्य फाउंडेशन की सीईओ भी हैं. दिव्या ज्योति के मुताबिक, वह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के उत्थान, बालिका शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान जैसे मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही हैं.
पटना शिक्षक सीट से पहले भी कर चुकी हैं तैयारी
दिव्या ज्योति पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव के लिए पहले भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर चुकी हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी. इसके बावजूद वह लंबे समय से इस सीट पर चुनाव की तैयारी कर रही हैं.
अब जन सुराज में शामिल होने के बाद उनके चुनावी समीकरण बदल गए हैं. पार्टी का चुनाव चिह्न 'स्कूल बैग' थामने के बाद माना जा रहा है कि जन सुराज उन्हें पटना शिक्षक सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है.
भाजपा के गढ़ में फिर चुनौती देंगे प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहले ही बिहार की सभी आठ विधान परिषद सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है. पटना शिक्षक सीट पर भाजपा के नवल किशोर यादव का लंबे समय से दबदबा है. वह 1996 से लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं. ऐसे में 2026 के चुनाव में भाजपा एक बार फिर उन्हें मैदान में उतार सकती है.
वहीं, जन सुराज के मैदान में उतरने से पटना शिक्षक सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है. भाजपा के साथ महागठबंधन और जन सुराज के बीच भी कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. इससे पहले बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत गढ़ में सेंध लगाते हुए जन सुराज को जीत दिलाई थी. बांकीपुर सीट पर भी लंबे समय से भाजपा का दबदबा माना जाता रहा है.
बिहार की 8 एमएलसी सीटों पर जल्द चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव की घोषणा अगले तीन-चार सप्ताह में होने की संभावना है. पटना शिक्षक के अलावा पटना स्नातक, सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल भी नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है. इससे पहले इन सभी सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जानी है.
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नवादा और नालंदा जिले शामिल हैं. इन जिलों के शिक्षक मतदाता चुनाव में मतदान करते हैं. इस चुनाव के लिए मतदाता सूची सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची से अलग तैयार की जाती है.
